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असली ख़ुशी आपके अन्दर हैं, इसे बाहर मत तलाशिये

"हमेशा खुश कैसे रहें"

ख़ुशी के इंतज़ार में मत रहिये, हमेशा खुश रहिये

हम अपनी ज़िन्दगी के न जाने कितने दिन ख़ुशी के इंतज़ार में गुज़ार देते हैं। यह सोचकर की जब मुझे ये मिल जायेगा, जब मैं वो बन जाऊंगा, जब हम अपना घर ले लेंगे तब खुश होंगे। और जब ये सब मिल जाता है, तो लालसा और बढ़ जाती है, या न मिलने पर दुखी हो जाते है। बस इसी तरह सारा जीवन ग़म में गुज़र जाता है। क्या खुश रहना इतना मुश्किल है?

हमेशा खुश रहना आपकी पसंद हैं, निर्भरता नहीं

ख़ुशी कोई बाहरी वस्तु नहीं, जिसे हाथ में रख दिया जाए और इंसान खुश हो जाए। जब हम अपनी ख़ुशी को किसी अन्य कारणों में ढूंढते हैं, तब वो ज्यादा देर नहीं टिकती। जैसे ही कारण पूरा होता है, वो ख़ुशी भी ख़त्म होने लगती है। फिर अगली ख़ुशी के लिए एक और नया कारण ढूंढते हैं।

अगर हमेशा खुश रहना है तो किसी बाहरी वस्तु, बाहरी व्यक्ति में ख़ुशी मत तलाशिये, वक़्त के साथ वस्तु का रूप और इंसान की सोच भी बदल जाती है। फिर ख़ुशी स्थाई कैसे रहेगी? खुश मिजाज़ इंसान किसी ख़ुशी के इंतज़ार में नहीं रहता, वो खुश रहने के नए नए तरीके निकालता है। वो हर एक छोटी से छोटी बात पर ख़ुशी महसूस करता है, हँसता है और हँसता है।

किसी भी परिस्थिति में मुस्कुराने की वजह ढूंढिए

ज़रा सोचिये, रोते हुए इंसान के पास कौन बैठना पसंद करता हैं? इस दुनिया में सबके अपने ही ग़म बहुत है, वो भी ख़ुशी ही तलाशते हैं। इसलिए हँसते हुए के पास हज़ार दोस्त, और रोते हुए के पास कोई भटकता भी नहीं। इस दुनिया में कोई ग़म का खरीददार नहीं है।

खुश रहना जीने की कला है, और जो ये कला जनता है उसे कभी दुखी नहीं होना पड़ता, क्योंकि वो दुःख के क्षणों में भी ख़ुशी के लम्हे ढूंढ लेता है। अगर हम खुश रहते है, तो हमारे पास ख़ुशी खुद चल के आएगी। क्योंकि उसे भी खुश रहने वालें के पास जाना हैं, जहाँ उसकी कीमत और बढ़ जाती है। प्रकृति का नियम है, जो हम देते है वही हमें वापस मिलता है।

आपकी मनोदशा, आपके वातावरण को बनाती हैं

हमारी हर सोच, हमारे हर विचार में अदृश्य चुम्बकीय तरंगे होती है, जो उसी से मिलते जुलते विचारों और कारणों को हम तक खिंच लती है। अगर हम दुखी है, तो दुःख के और कारण हम तक पंहुचते है। अगर हम खुश है, तो हम तक ख़ुशी के और भी कारण पंहुचते हैं।

इसलिए खुश रहने से ख़ुशी मिलती है, किसी ख़ुशी का इंतज़ार मत कीजये, बिना किसी कारण के खुश रहिये

 

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Shyam Shah

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