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आपके मोबाइल की स्क्रीन, पब्लिक टॉयलेट सीट से भी ज़्यादा गंदी हैं

टॉयलेट सीट ज़्यादा गन्दा हैं या आपका मोबाइल स्क्रीन ?

which one is more dirty

आज दुनिया भर में मोबाइल का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बड़ी तेज़ी से बढ़ रही हैं।  मोबाइल के बिना हम एक दिन तो क्या कुछ देर भी नहीं रह पाते। मोबाइल हमारे ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया हैं जो हमेशा हमारे साथ रहता हैं।

हम उसे अपने साथ लेकर अस्पताल, टॉयलेट और बाथरूम भी जाते हैं। वो एक बीमार इंसान के हाथ से लेकर कही भी पहुँचता हैं। हम अपने शरीर की साफ़ सफाई का ध्यान तो देते हैं, पर मोबाइल का क्या?

इसी तथ्य को लेकर शोधकर्ताओं ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया हैं, हमारे मोबाइल की स्क्रीन टॉयलेट की सीट से भी ज़्यादा गन्दी हैं।  बात अजीब लगती हैं पर ये एक सच्चाई हैं। हम ६ महीने में भी एक बार अपने मोबाइल की स्क्रीन को साफ़ नहीं करते।

२० व्यक्ति में से कोई एक ही मोबाइल की स्क्रीन को साफ़ करता हैं।  मोबाइल के स्क्रीन पर बैठने वाले कीटाणु धीरे धीरे हमारे शरीर को नुकसान पंहुचा रहे हैं।

तुलनात्मक रूप से कई गुना ज़्यादा गंदी हैं मोबाइल स्क्रीन

शोधकर्ताओं ने यह भी बताया की मोबाइल स्क्रीन के पर स्क्वायर इंच में लगभग २५००० कीटाणु पाए जाते हैं। तुलनात्मक रूप से देखे तो हमारा मोबाइल इन सभी से ज़्यादा गन्दा हैं।

पब्लिक टॉयलेट, जूते का सोल, पालतू जानवरो को खाना दिया जाने वाला प्लेट या बाउल, दरवाजे का नॉब, किचन सिंक, और नोट का  बंडल।

ये बैक्टीरिया हमें कई तरह से नुकसान पंहुचा सकते हैं, इससे नफ़ेक्शन, स्किन रशेस, वोमिटिंग, डायरिया, पेट की समस्या, वायरल फीवर, और इससे हमारी ज्ञाननेंद्रिया संक्रमित हो सकती हैं।  अब अगली बार जब आप कभी ऐसी किसी बीमारी के प्रभाव में आए तो, सिर्फ पर्यावरण या मौसम को दोष देने की बजाये अपने मोबाइल को भी दोषी समझे।

कैसे पनपता है बैक्टीरिया हमारे मोबाइल के स्क्रीन में

हम जितनी बार भी पब्लिक पैलेस में मोबाइल यूज़ करते हैं, जितनी बार भी इसके स्क्रीन को टच करते हैं।  किसी और का मोबाइल एक्सचेंज करते हैं, इससे भी कीटाणु पनपते हैं, इसके अलावा निम्नलिखित कारण भी जानना ज़रूरी हैं।

जब खाना कहते वक़्त हम मोबाइल का प्रयोग करते हैं, हाथों में लगा तेल या फ़ूड उस स्क्रीन पर जाता हैं और वो बैक्टीरिया को आकर्षित करता हैं।  

जब हम रेस्टरूम या वाशरूम में जाकर अपना मोबाइल यूज़ करते हैं, इससे बहुत ज़्यादा खतरा रहता हैं।  खासकर जब वो कोई मॉल या मार्केट का वाशरूम हो।

जब बात करते वक़्त हमारे फ़ोन की स्क्रीन पर पसीना लग जाता हैं, उसके कारन भी मोबाइल स्क्रीन पर कीटाणु पनपता हैं।  

जब हम अपना मोबाइल किसी दूसरे को सौंपते हैं, अपनी किसी पिक्चर क्लिक के लिए।  ८२ % लोगो के हाथ में कीटाणु मौजूद होते हैं जो आसानी से मोबाइल की स्क्रीन पर आ जाते हैं।  

कैसे करें मोबाइल स्क्रीन की सफाई ?

टिश्यू पेपर को पानी में भिगोकर स्क्रीन साफ़ करने से कीटाणु की संख्या कम हो सकती हैं।  इसके अलावा मोबाइल क्लीन किट का प्रयोग करके हम कीटाणु से अपने मोबाइल स्क्रीन को सुरक्षित रख सकते हैं।  इससे सफाई पूर्णत नहीं होती, पर कीटाणु कम पनपते हैं।

इसके अलावा हम मोबाइल में फ्लिप कवर का इस्तेमाल कर सकते हैं, बात करते समय भी फ्लिप कवर लगा रहे।  इससे मोबाइल का टच स्क्रीन कम संक्रमित होगा। सबसे ज़रूरी हैं की हम अपने मोबाइल को सिर्फ अपने द्वारा ही सिंगल हैंड प्रयोग करें।  (नोट – ये सभी उपाय पूरी तरह से मोबाइल स्क्रीन के कीटाणु को साफ़ नहीं कर सकते,उसकी सख्या को मात्रा कम करते हैं )

फ़ोन स्क्रीन को समय समय पर साफ़ करते रहें।  सबसे अच्छा तो यह हैं की फ़ोन स्क्रीन को साफ़ पानी से साफ़ करें, पर इस बात का ध्यान रखें की उससे फ़ोन को नुकसान न हो।  इसके अलावा हम वाटर प्रूफ फ़ोन ले सकते हैं।

इलाज़ से बेहतर हैं  रोकथाम

ये जानकारी हमारे लिए इसलिए ज़रूरी हैं की आज हमारा शरीर बड़ी आसानी से संक्रमित हो जाता हैं, हम बाहर के कीटाणु को नियंत्रित  नहीं कर सकते। पर, अपने मोबाइल स्क्रीन को साफ़ रख कर हम सुरक्षा की तरफ कदम बढ़ा सकते हैं। ये तो हम सभी जानते ही हैं, की इलाज़ से बेहतर हैं  रोकथाम। फ़ोन यूज़ करने में समस्या नहीं हैं, सही तरह से यूज़ नहीं करना ही समस्या का कारण हैं।

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Shyam Shah

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