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अपनी काबिलियत पर ध्यान दीजिये, कमियों पर नहीं

अपनी तुलना कभी किसी से क्यों न करे ?

जब हम किसी  से अपनी तुलना करते हैं तो अपना बेस्ट नहीं दे पाते, हम उसके बेस्ट लेवल तक ही पहुंचकर संतुष्ट हो जाते हैं। हो सकता हैं हमारा बेस्ट लेवल उससे कहीं ज्यादा ऊपर हो। तभी तो किसी से तुलना करना न्यायसंगत नहीं हैं, क्योंकि हर किसी की अपनी योग्यता और अपनी विशेषता  हैं।दुनिया का हर इंसान अपने सपने को पूरा करने की काबिलियत रखता हैं। इसके लिए उसे अपना सही मूल्यांकन करना होगा, उसे अपनी विशेषता और योग्यता को सिद्ध करना होगा।

आप किसी से कम नहीं और कोई आपसे  बेहतर नहीं

आपकी नाकामयाबी की असली वजह कुछ और नहीं बल्कि अपने आपको दुसरो से कमज़ोर समझकर पीछे हट जाना हैं। अगर जीवन में आगे बढ़ना हैं तो अपनी तुलना किसी से मत कीजिये। बचपन से ही हमारे टीचर, माता पिता, दोस्त और समाज तुलना कर करके, अपना और अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद कर देते हैं।

उसे हमेशा यही कहाँ जाता हैं की वो उससे कमज़ोर हैं। तुलना करने पर हम दुसरो में अच्छाई और खुद में बुराई को ही देखते हैं, हम अपने दुसरे गुणों पर पर्दा डाल देते हैं, क्या ये सही हैं?

आप वही कीजिये, जिसमे आप बेस्ट हैं

यह दुनिया एक रंगमंच की तरह हैं, जहाँ सबको अलग अलग किरदार निभाने को काम मिला हैं। अगर हर किरदार एक दुसरे की नक़ल करेगा तो वो डुप्लीकेट या मिमिक्री आर्टिस्ट कहलायेगा। बेस्ट एक्टर का अवार्ड तो उसे ही मिलता हैं जिसकी एक्टिंग सबसे ओरिजिनल हैं, जो अपने किरदार को समझकर उसे पूरी ईमानदारी से निभाता हैं।

अब यह आपको तय करना हैं,की आप  ओरिजिनल बनना चाहते हैं  हैं या किसी का डुप्लीकेट। याद रखिये, औरों से खुद की तुलना करके आपको जीत की असली ख़ुशी कभी नहीं मिल सकती।

असली जीत अपने सपने को साकार करने में हैं, जिसके लिए आपका इस दुनिया में जन्म हुआ हैं। और ये जीत आपको तभी मिलेगी, जब आप यह समझ लेंगे की “आप किसी से कम नहीं और कोई आपसे बेहतर नहीं है”

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Shyam Shah

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