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ऑनलाइन खाना या सामान आर्डर करना कितना सुरक्षित हैं ? कस्टमर्स के साथ धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं

भूख हमें कही भी और कभी भी लग सकती हैं।  घर में भूख लगे तो खाना बना लेते हैं और अगर बाहर लगे तो कुछ खरीद कर खा लेते हैं। लेकिन कुछ ख़ास मौकों और ज़रूरत के समय हम खाना आर्डर करते हैं, पार्सल मंगवा लेते हैं।  आजकल तो खाना आर्डर करने के लिए सिर्फ होटल का नंबर ही नहीं, और भी बहुत उपाय मौजूद हैं। ऐसा ही एक फ़ूड ऑर्डरिंग एप्प हैं जोमाटो। जोमाटो तेजी से लोगो के बीच विकसित होता एक फ़ूड आर्डर सिस्टम हैं।  

लेकिन जोमाटो के फ़ूड डिलीवरी बॉय द्वारा खाना जूठा करके वापस पैक करने का वीडियो, जब से वायरल हुआ हैं, तब से यह एक चर्चा का विषय बन गया हैं।  क्या हमारे घर तक जो खाना पैक होकर आ रहा हैं वो सुरक्षित हैं, साफ़ हैं और क्या वो सही हैं ? इस वीडियो को देखने के बाद यह बात साफ़ हैं की खाना होटल से सीधे घर  पहुचें यह सिर्फ डिलीवरी मैन के हाथ में हैं।

आज हर किसी को भी कुछ भी ऑनलाइन आर्डर करने की आदत हैं या मज़बूरी ही सही।  पर इसका फायदा उठाने में हर छोटी बड़ी कंपनी लगी हुई हैं। पर वे सिर्फ अपना ही फायदा देखने में लगे हुए हैं, तभी तो एक के बाद एक घटनाये सामने आती रहती हैं। खाने के मामले के अलावा दूसरी तरह से  भी कस्टमर्स हमेशा लूटे जाते रहे हैं।

लोगो को मोबाइल के नाम पर साबुन, असली प्रोडक्ट के नाम पर नक़ली सामान ये सभी ऑनलाइन आर्डर में होने वाली धांधली के उदहारण हैं।  

जोमाटो वाली घटना के बाद लोगो में काफी आक्रोश हैं, एक भूखे ने खाना खा लिया वाली बात यहाँ नहीं बैठती।  सहानुभूति एक तरफ हैं और विश्वसनीयता एक तरफ। कस्टमर को भगवान मानने वाले लोग उसके साथ भी जब धोखाधड़ी करे, तो फिर कैसे करें भरोसा ?

 

इस वीडियो ने लोगो की आखें ही नहीं उनके दिमाग भी खोल दिए हैं।  जिस तरह से एक डिलीवरी मैन खाना खाकर बड़े ही आसानी से उसकी फिर से पैकिंग करता हैं।  ऐसी पैकिंग जिसे देखकर उसकी सत्यता की जांच नहीं हो सकती।

हालांकि अब इस घटना के बाद अब कंपनी टेम्पर प्रूफ पैकेजिंग की बात कर रही हैं, जिससे खाने की शुद्धता और विश्वसनीयता बनी रहेगी। साथ ही जोमाटो का कहना हैं वो इस समबन्ध में अपने सभी पार्टनर से बात करेगी।  एक बार साख दांव पर आने के बाद ज़रूरी और कड़े कदम उठाना किसी भी कम्पनी के लिए लाज़मी हैं। आज इस एक गलती से जोमाटो ने अपने लाखों कस्टमर्स का भरोसा खोया हैं और हज़ारों कस्टमर्स गवाएं भी होंगे।

जिसने खाना जूठा करके उसे पार्सल किया, उसकी गलती की सजा मिली अपनी नौकरी गंवाकर। वो गलती करते वक़्त ये भूल गया होगा की ऊपरवाला उसे देख रहा हैं।  ये उसकी पहली गलती थी, या इससे पहले भी उसने ऐसा किया हो ये नहीं मालूम ? कोई और भी उसके जैसी गलती कर रहा हैं तो वो भी सचेत हो जाए और बंद करें ऐसा करना।  

कुछ बातों का हमें भी ध्यान रखना चाहिए जो हैं हमारा व्यवहार किसी के भी प्रति।  कभी कभी कंपनी का गुस्सा, किसी कस्टमर का अमानवीय वर्ताव, या अपनी ही कोई समस्या, ऐसा गलत कार्य करवाती हैं।  

इसलिए कंपनी का मालिक काम करने वालों के साथ इंसानों वाला व्यवहार करें, उसे आदमी समझें मशीन नहीं। उसकी सुख सुविधा, उसके काम को प्रोत्साहित करें।  ताकि वो अपना गुस्सा उसे बदनाम करने में न निकाले। जो कस्टमर हैं वो भी डिलीवरी मैन के साथ अच्छे से पेश आये।

हम भी आँख मूंद कर किसी पर भरोसा न करें, हमें पूरा हक़ हैं कुछ भी जानने, जाँचने और परखने का। याद रखिये कंपनी हमसे चलती हैं, हम उनसे नहीं चलते। हमें अपने अधिकार और हक़ का उपयोग करने का पूरा अधिकार हैं।  अगर हमारे साथ किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी होती हैं, तो हमें न्याय पाने का पूरा अधिकार हैं। और ऐसा करने से हमें कोई भी नहीं रोक सकता।

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Shyam Shah

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