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कहीं आप भी इर्ष्या और जलन के शिकार तो नहीं हैं ?

किसी से जलने का मतलब हैं स्वयं को जलाना

जो लोग दूसरों की ख़ुशी, कामयाबी, रूप रंग, प्यार, रिश्ते, धन-दौलत, प्रतिष्ठा से जलते हैं, वो सिर्फ अपना बुरा करते हैं। जलने का मतलब ही है इर्ष्या की जलन में जलना। जलने से कुछ हासिल नहीं होता, बल्कि हमारे पास जो कार्य कुशलता, मानसिक शांति और संतुलन होता है वो बिगड़ जाता हैं। इसलिए जलन एक महाविकार है।

कैसे होती हैं जलन की शुरुवात

जलने का मतलब हैं, अपने आप पर संदेह करना, अपने आप को औरों से छोटा समझना। जब किसी को लगता है की कोई उससे ज्यादा कामयाब है, लोग उससे कम प्यार करते है, तो जलन की शुरुवात होती है।

जलन की जगह सहयोग और सिखने की भावना रखिये

इस दुनिया में जिसे जो कुछ भी हासिल हुआ है, उसने उसके लिए मेहनत और सफलता की कीमत चुकाई है। किसी को कुछ भी मुफ्त में नहीं मिला है, फिर जलन क्यों?

जलन की जगह सीखने और सहयोग की भावना होनी चाहिए, ताकि आप भी उसके जैसे बन सकें।

जलन से कुछ हासिल होने की जगह, जो है वो भी लूट जाता है। जलन से बचिए, ये सिर्फ आपको जलाती है।

जो वक़्त आप किसी और से जलने में गुज़ारते हैं, उसकी जगह आप अपनी या किसी और की ख़ुशी के लिए कुछ कर सकते थे। जितना समय आप जलते है, वो सिर्फ समय की बर्बादी है।

जलन से कुछ बनता नहीं, बल्कि बना काम भी बिगड़ जाता है

जिससे आप प्यार करते हैं, वो आपके जलन की भावना से आहत होता है। जो पल प्यार में गुज़रता, वो आपसी मतभेद में बर्बाद हो जाता हैं।

अगर किसी के जलने से कुछ बदलता तो आज दुनिया कुछ और ही होती। जलन से किसी को कोई फायदा नहीं हुआ।

जलन आपकी रचनात्मक सोच पर असर डालती है। जलन के कारण आप कुछ अच्छा सोच नहीं पाते। इससे आपके काम पर असर पड़ता है।

जलन हमारी सोचने की क्षमता को ख़त्म कर देता हैं। हमेशा यही ख्याल आता है की कैसे इस जलन को बुझाये, बदला और सबक सिखाकर। पर होता उल्टा ही है, जिस जलन का सहारा लेकर कोई आगे बढ़ना और प्यार पाना चाहता हैं, वो नफरत के काबिल भी नहीं रह जाता।

जलन, आपको औरो से दूर करता है। आपसे लोग नफरत करते हैं। आपको मुसीबत के समय कोई सहारा नहीं मिलता। आपकी जलन की भावना एक दिन आपको पूरी तरह से जला डालती है।

जलन से जितना जल्दी हो सके बचिए

इन सभी कारणों से जलन, एक गंभीर समस्या और एक महा विकार के नाम से जानी जाती है। जलन करना मूर्खतापूर्ण है, ये आपकी खूबसूरती, आपके बोल चाल, व्यवहार, सोच विचार, आपकी विशेषताओं को भष्म कर देता है।

इसलिए जितनी जल्दी हो सकें, इस जलन पर संतुष्टि और शांति का शीतल जल डालिए। नहीं तो ये जलन आपको एक दिन जलाकर ख़त्म कर देगी।

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Shyam Shah

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