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इंसान जन्म से नहीं, अपने कर्म और विचारों से महान बनता है

कोई इंसान महान बनकर पैदा नहीं होता

इंसान जन्म से नहीं अपने कर्म से महान बनता है। अगर जन्म से ही कोई महान बन जाता, तो दुनिया में महानता का कोई महत्व ही नहीं होता। पर सच तो यह हैं की महान बनने के लिए एक इंसान को अपनी सोच, कर्म और विपरीत परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करनी होती है। इंसान के अपने कर्म ही उसे तुच्छ या महान की संज्ञा दिलाते हैं।

महात्मा गाँधी ने सत्याग्रह और अहिंसा के दम पर भारत को अंग्रेजों से आज़ादी दिलाई। देशवासियों ने उन्हें राष्ट्र पिता और बापू की संज्ञा दी। बापू के विचारों से आज पूरी दुनिया प्रेरित हैं। उनके विचारों से प्रभावित होकर ही निर्देशक राजकुमार हिरानी ने अपनी फिल्म ‘लगे रहो मन्ना भाई’ में गाँधी जी के विचारों को गांधीगिरी का नाम देकर खूब प्रचारित किया।

इन्सान अपने कर्मों और विचारों से महान बनता हैं

ये दुनिया उसीको महान मानती हैं, जो अपने स्वार्थ से परे सबका भला करने के लिए एक महान लक्ष्य बनाता हैं और उसे हासिल करता है। हमारे सामने ऐसे कितने महान व्यक्तियों के उदाहरण मौजूद हैं जिन्होंने अपने कर्मों और विचारों से इतिहास में अपना नाम दर्ज करवाया।

महात्मा गाँधी, स्वामी विवेकानंद, सरदार पटेल, भीम राव आंबेडकर, भगत सिंह, लाल बहादुर शास्त्री, मदर टेरेसा, महर्षि वाल्मीकि, कवी कालिदास और भी बहुत से लोग, जो सिर्फ अपने उच्च विचार और कर्म से महान बनें। हम इन महापुरुषों के जीवन से बहुत कुछ सिख सकते हैं, जो हमारे जीवन को सही दिशा, विचार और लक्ष्य दे सकते हैं।

जितने भी लोग महान बने हैं, उन्होंने शुरू से ही अपनी एक सोच बनाई और उस पर कायम रहे, उसे सच कर दिखाया और फिर लोगों ने उसे सत्य के रूप में स्वीकार किया। आइये ऐसे महान लोगों के शक्तिशाली विचारों से प्रेरणा लें।

महात्मा गाँधी : “विनम्रता के ज़रिये आप पूरी दुनिया को हिला सकते हैं”

स्वामी विवेकानंद : “खुद को कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है”

मदर टेरेसा : “खुबसूरत लोग हमेशा अच्छे नहीं होते पर अच्छे लोग हमेशा खुबसूरत होते हैं”

लाल बहादुर शास्त्री : “अपने देश की आज़ादी की रक्षा करना केवल सैनिकों की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे देश के नागरिकों का कर्तव्य हैं”

भीम राव आंबेडकर : “मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ, जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता हैं”

भगत सिंह : “ज़िन्दगी तो हमेशा अपने दम पर जी जाती हैं…दुसरो के कन्धों पर तो सिर्फ जनाज़े उठाये जाते हैं”

इनके विचारों ने देश में क्रांति और बदलाव लाने में बड़ी भूमिका निभाई। आज इनके विचार से दुनिया अवगत हैं, दुनिया को बदलने में इनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता । इन सभी महान व्यक्तियों का जीवन हमें यह सिखाता हैं की बिना लक्ष्य, बड़ी सोच और कर्म किये  बगैर कोई महान नहीं बन सकता। याद रखिये, महानता कहने में नहीं करने में हैं ।

 

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Shyam Shah

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