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जन्माष्टमी और श्री कृष्णा द्वारा बताई गई ज्ञान की बातें – हम भक्तों के लिए वरदान हैं

जन्माष्टमी, तिथि – मुहूर्त,  और मान्यता

sree krishna janmashtmi 2018

हम सब के प्रिय, भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्णा जी के जन्म दिवस को दुनिया भर के भक्त जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं।

इस बार कई जगह जन्माष्टमी का पर्व 23 अगस्त को मनाया जाएगा तो कई जगह 24 अगस्त को। ऐसे में हमारे लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर कब इस त्योहार को मनाया जाए, पहले दिन या फिर दूसरे दिन।

पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्‍म भाद्रपद यानी कि भादो महीने की कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को हुआ था, जो कि इस बार 23 अगस्त को पड़ रहा है। इस वजह से जन्माष्टमी 23 अगस्त को ही मनाई जाएगी, ऐसा कुछ लोगों का मानना है।

जन्‍माष्‍टमी की तिथि और शुभ मुहूर्त जानिए

जन्माष्टमी 2019 के शुभ मुहूर्त – 24 अगस्त

निशिथ पूजा 00:01 से 00:45

पारण 05:59 (24 अगस्त) सूर्योदय के पश्चात

रोहिणी समाप्त- सूर्योदय से पहले

अष्टमी तिथि आरंभ 08:08 (23 अगस्त)

अष्टमी तिथि समाप्त 08:31 (24 अगस्त)

ऐसी मान्यता हैं की पूरी श्रद्धा, भक्ति और व्रत का पालन करने पर, भक्त को संतान प्राप्ति, सुख और समृद्धि की मिलती हैं।  अपने आराध्य देव श्री कृष्णा के जन्म लेने की ख़ुशी में, भक्तगण खुशियां मनाते हैं। श्री कृष्णा एक अवतार, पालनहार और गीता उपदेशक के रूप में हमारे जीवन को सही राह दिखाते हैं।

श्री कृष्णा के जीवन के विभिन्न आयाम – हम सभी के लिए प्रासंगिक हैं

श्री कृष्णा जी के बचपन के दिन नटखट माखनचोर के रूप में, तो जवानी में रासलीला का रंग और गोपियों का संग हैं,  परिपक्व होने पर सुदामा से उनकी भक्त और भगवान् की दोस्ती के लिए मशहूर हैं वही महाभारत के युद्ध में उनके द्वारा अर्जुन को दिया गया ज्ञान,  गीता ज्ञान के नाम से जाना जाता हैं। उनके जीवन के विभिन्न आयाम दर्शाते हैं, की मनुष्य और संसार सभी परिवर्तनशील हैं। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रासंगिक हैं।   

श्री कृष्णा की ज्ञान की बातें – जो जीवन को ज्ञान, अर्थ, दिशा और सफलता देती हैं।  

श्री कृष्णा द्वारा दिया गया गीता ज्ञान, हर बार पढ़ने पर पाठक या भक्त को, एक नया अर्थ समझ मे आता हैं।  कहते हैं, जीवन के किसी भी परिस्थिति में गीता का ज्ञान, हमें सही राह, दिशा और समाधान प्रदान करता हैं। इसलिए हज़ारों साल बाद भी, भगवद गीता से ज्ञान प्राप्त करने वाले भक्तों की संख्या बढ़ती ही जा रही हैं।  

क्यों न आज हम, श्री कृष्णा जन्माष्टमी के अवसर पर, उनके दिए ज्ञान से अपने जीवन को सफल बनाये।

 Krisha updesh

जीवन का कोई भी फैसला शांत दिमाग से ले

श्री कृष्णा का कहना हैं, मन जब तक पूरी तरह से शांत न हो, हमें कोई फैसला नहीं करना चाहिए।  मन बहुत चंचल हैं इसकी चंचलता हमारे सोच को स्थिर नहीं होने देती। हम ध्यान और भक्ति से अपने मन को शांत कर, समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।  

जब तक हम परिस्थिति के अंदर रहेंगे, हमें समाधान नहीं मिल सकता।  इसके लिए हमें उस परिस्थिति से खुद को (मन से ) बाहर निकालना होगा।  तभी हम उस परिस्थिति पर जीत हासिल कर सकते हैं।

कर्म कर फल की चिंता मत कर  

गीता में यह बात बार बार बताई जाती हैं, की किसी भी कार्य को फल की आशा किये बगैर किया जाना चाहिए।  कर्म करना हमारे हाथ में हैं, पर उससे प्राप्त होने वाले फल पर हमारा ज़ोर नहीं हैं। जो हमारे हाथ में हैं हमें उस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, तभी हम किसी कार्य को ठीक से कर सकते हैं।

जीवन में हम हमेशा कर्म से पहले फल की आशा करके, स्वयं को  रोक देते हैं। क्या पता इसका परिणाम कैसा होगा, मुझे सफलता मिलेगी या नहीं।  इसी कारण हम कर्म करने से चूक जाते हैं। कर्म और फल दोनों एक दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए कर्म करते रहना ज़रूरी हैं।  हमे जीवन में कभी निष्काम नहीं रहना हैं, कर्म करना जीवन का नियम हैं।

सबके प्रति समान व्यवहार कीजिये      

अक्सर हम किसी भी इंसान के साथ व्यवहार भेद भाव के साथ करते हैं, जो की गलत हैं।  हमें हर किसी को एक आत्मा समझकर उसके साथ बिना किसी भेद भाव के व्यवहार करना चाहिए।  महान वही हैं जो किसी के साथ भेद भाव नहीं करता, वो हर किसी को एक जैसा मान सम्मान देता हैं।

इससे वो इंसान सबकी नज़र में महान बन जाता हैं।  वैसे भी इस दुनिया में सबको अपने पिछले जन्म के कर्म के अनुसार मिला हैं, जिसका हिसाब किताब ईश्वर करते हैं।  हम मनुष्य को सबके प्रति समान व्यवहार करना चाहिए।

किसी भी काम में विश्वास का होना ज़रूरी हैं

हम चाहे कोई भी काम करे, उसकी सफलता या असफलता हमारे विश्वास से होती हैं।  हमारा जैसा विश्वास होगा उसका परिणाम भी वैसा ही होगा। अगर हम किसी काम को शुरू करने से पहले उस पर संशय करते हैं तो वो का कभी पूरा नहीं हो सकता।  बिना सकरात्मक सोच और विश्वास के सफलता नहीं मिल सकती। हम अपने जीवन में आज जो भी हैं अपने विश्वास और आस्था के कारण हैं। अगर हमें अपना जीवन सफल बनाना हैं तो स्वयं पर और अपने कार्य पर विश्वास ज़रूरी हैं।  

प्रतियोगिता सिर्फ अपने आप से कीजिये

गीता ज्ञान के अनुसार, महान व्यक्ति अपने जीवन को असाधारण बनाते हैं, जिसके बाद दूसरे लोग उनके अनुयायी बन जाते हैं।  संघर्ष और असफलता से घबराने वाले जीवन में कोई महान लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते। ऐसे लोग हमेशा दूसरों पर आश्रित रहते हैं, हमेशा भीड़ में चलने वाले होते हैं।  

अगर जीवन में हम अपनी तुलना और प्रतियोगिता किसी और से करेंगे, तो हम ज़्यादा हासिल नहीं कर पाएंगे।  ईश्वर ने सबको उसके अनुसार बहुत दिया हैं, पर हम स्वयं पर भरोसा नहीं करने के कारण बहुत कम पाकर रह जाते हैं। अपनी शक्तियों और सामर्थ्य के अनुसार हम अपने जीवन में बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।

इस जन्माष्टमी कृष्णा जी को दीजिये एक अनुपम उपहार

श्री कृष्णा द्वारा बताई गई ये सभी बातें, हमारे जीवन को एक नया आयाम और सही राह दिखाती हैं।  सांसारिक नियम के अनुसार हम जन्म दिवस पर उपहार देते हैं। ऐसे में श्री कृष्णा जी के ज्ञान और जीवन आदर्श को अपनाकर, उन्हें उपहार और अपने जीवन को सफल बना सकते हैं।

कामयाब ज़िंदगी की तरफ से आप सभी पाठको को श्री कृष्णा जन्माष्टमी की शुभकामनाएं।  आप सभी के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थय और समृद्धि की वर्षा हो। नमस्कार, आपका श्याम।   

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Shyam Shah

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