0

जल को बचाने और संचयन करने के आसान टिप्स। How to save and preserve water for future.

जल ही जीवन है

आज पूरा विश्व जल संकट के कठिन दौर से गुज़र रहा है। ये समस्या हर साल और भी विकराल होती जा रही है। पीने के पानी का प्रतिशत जितना कम होता जा रहा है उतनी ही उसकी मांग बढ़ने लगी है।

गर्मी के दिनों में तो स्थिति और भी बुरी हो जाती है। क्योंकि नदी, तालाब और कुंवे सुख जाते हैं। जल की कमी से दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होती है।

जल की कीमत समझिये।

अगर आपके घर में टैंकर का या सप्लाई का पानी आता है तो आप बहुत खुशनसीब है। ऐसे कई जगह है जहां लोगो को सप्ताह में एक या दो दिन पानी मिलता है। कई गाँव में तो महिलाओं को रोज़ थोड़े थोड़े पानी के लिए संघर्ष और जी तोड़ मेहनत करनी पड़ती है।

जल के बारे में इतना ही जान लीजिए,जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं हो सकती। ऐसे में जल का सही उपयोग और जल की बर्बादी को रोककर हम जल को बचा सकते है। जब जल रहेगा तो हमारा कल रहेगा।

जल संरक्षण के नियम

आइये जानते है किस तरह से हम इन आसान उपायों से जल को बचाकर दुनिया का भला कर सकते है। जब कोई एक जल बर्बाद करता है तो उसका खामियाजा कोई और उठाता है।

याद रखिए जल सभी की ज़रूरत है इसलिए ये सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। सभी मिलकर ये उपाय अपनाये और जल बचाये।

घर और बहार के कामों में जल कैसे बचाये?

सुबह उठने से लेकर रात तक हम अपने घर में जल का प्रयोग करते है। हो सकता है जाने अनजाने ही सही हम पानी बर्बाद कर रहे हो। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखकर हम साल में हज़ारों लीटर पानी की बर्बादी रोक सकते हैं।

1. कभी भी नल चलाकर दाढ़ी या ब्रश न करे। ज़रूरत के समय ही नल खोले अन्यथा बन्द रखें। अगर हो सके तो मग का उपयोग करे।

2. नहाने के समय शावर की जगह बाल्टी और मग का इस्तेमाल करें। इससे रोज़ाना पानी की बहुत बचत होगी।

3. रोज़ रोज़ वाशिंग मशीन में थोड़े थोड़े कपड़े धोने से पानी की बर्बादी होती है। बजाये इसके कपड़े इकट्ठे करके एक दिन धोये। इससे बिजली और पानी दोनों की बचत होगी।

4. टॉयलेट में फ्लश का इस्तेमाल कम करे। या फिर ड्यूल फ्लश वाला टैंक लगवाए। जो ज़रूरत के अनुसार पानी खर्च करता है।

5. अगर घर में कही भी पानी लीक हो रहा है तो इसे गम्भीरता से ले। एक एक बूंद पानी से भी बहुत पानी बर्बाद होती है। तुरन्त प्लम्बर से चेक करवाकर ठीक करे।

6. बर्तन वाश बेसिन में बहते नल में धोने से भी पानी की बहुत ज़्यादा खपत होती है। पानी को बाल्टी में भरकर बर्तन धोने से काफी पानी बचा सकते है।

7. अगर आपके पास बगीचा है तो वहां पानी देने के लिए पाइप की जगह झरने का इस्तेमाल करे।

8. अपनी गाड़ी धोने के लिए आप मग और बाल्टी का इस्तेमाल कीजिये। पाइप से पानी की ज़्यादा बर्बादी होती है।

9. फल और सब्जियों को धोने के लिए गहरे बर्तन में पानी भरकर उसमे धोये। बचे हुए पानी को आप पौधों में पानी या टॉयलेट में इस्तेमाल कर सकते हैं।

10. अगर आपके घर में आरो लगा है तो उसमें काफी पानी वेस्ट होता है पानी साफ़ करने में। एक ग्लास शुद्ध पानी के लिए तीन ग्लास पानी वेस्ट।

ऐसे में आप उस पानी को जमा करके उसे दूसरे अन्य कामों में इस्तेमाल कर सकते हैं। जितना पानी पीना हो उतना ही ले, पानी ग्लास में न छोड़े। अच्छा तो ये है कि आप एक बोतल का प्रयोग करे व्यक्तिगत।

11. वाटर अलार्म या ऑटो स्टॉप डिवाइस लगवाए पानी की टंकी में। अगर घर के अंदर या छत पर पानी की टँकी है तो ज़रूरी है कि आप इन उपकरणों का इस्तेमाल करे। वर्ना बहुत सारा पानी ओवरफ्लो होकर बर्बाद हो जाता है।

भविष्य के लिए जल सुनिश्चित करें

पानी की आपूर्ति तीन तरह से होती है, पहला है प्राकृतिक या ईश्वरीय, जल वर्षा। दूसरा तरीका है प्राकृतिक जल संसाधन, नदी, तालाब, कुंवे, जलाशय आदि और तीसरा है भूमिगत जल, बोरिंग, हैंडपंप और ट्यूबवेल से प्राप्त पानी।

आज पानी आपूर्ति के ये तीनो संसाधन खतरे की और बढ़ रहे हैं। किसी भी संसाधन से पानी की मांग पूरी नहीं हो रही। ये मनुष्य निर्मित गलतियां है लालच है जिसकी पूर्ती के लिए प्रकृति के नियम तोड़े जाते है। मानव ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का अत्यंत दोहन किया। पर उसके बचाव और भविष्य का कम ही सोचा। अब ये गलती बहुत भारी पड़ रही है।

अगर हम चाहते है हमारे आनेवाली पीढ़ी प्यासी न रहे तो हमें कुछ उपाय आज से ही युद्धस्तर पर करने होंगे। आइये उन उपायों पर विचार करते हैं।

1. अत्यधिक वृक्षारोपण किया जाए। जब हरियाली होगी तभी बादल बरसेंगे। वृक्ष से हमें ठंडी छाव मिलेगी और फल मिलेंगे। जहाँ पेड़ पौधे नहीं वहाँ बारिश भी नहीं होती। सभी पेड़ लगाए और देश को जल संकट से बचाये।

2. जल की बर्बादी या गैर कानूनी दोहन रोकने के लिए कड़े कानून। कुछ कंपनी बड़ी मात्रा में भूमिगत जल का दोहन कर संकट पैदा करती है। इनपर निगरानी ज़रूरी है।

3. रेन हार्वेस्टिंग या वर्षा जल संचयन पर ज़ोर दिया जाए। देश के सभी हिस्सों में मानसून का समय आता है वर्षा होती है। नदी, नाले और जलाशय भर जाते है जो अगली वर्षा होने तक हमारे काम आते है। इसी वर्षा को हम संचित करके अपने प्रयोग में ला सकते हैं।

बिल्डिंग्स की छतों पर रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का कसम बहुत कम ही हुआ है। ज़रूरी है इस बारे में लोगो को जागरूक होने की। इस एक उपाय को अपनाकर इंसान अपनी जल समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है।

4. पानी की बर्बादी या गलत प्रयोग को संगीन जुर्म माना जाए। और ऐसा करने वालों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि पानी के महत्व को समझा जाए।

पानी या जल समस्या एक ग्लोबल समस्या है। कहा भी जाता रहा है कि तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए होगा। अब हमें ये समझना होगा की हम पानी के लिए युद्ध करे इस पानी को बचाने के लिए अभी से युद्धस्तर पर तैयार करे?

दोस्तों इस आर्टिकल का उद्देध्य है लोगो में पानी को लेकर जागरूकता लाना। सिर्फ इसे पढ़कर न छोड़े, बताये गए किसी भी एक नियम को अपनाकर आप जल को बचा सकते है। इस लेख को शेयर कीजिये अधिक से अधिक।

आपका दोस्त श्याम साह।

Did you enjoy this article?
Signup today and receive free updates straight in your inbox. We will never share or sell your email address.
I agree to have my personal information transfered to MailChimp ( more information )

Shyam Shah

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *