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जो वक़्त आपके हाथ में हैं उस पर अमल कीजिये

जो वक़्त बचा है जो वक़्त आपके हाथ में है वो बस आपका है

जो बीत गया सो बीत गया, जो बीतने वाला हैं वो तो हमारे हाथ में हैं, देर आये पर दुरुस्त आये वाली कहावत को सच कीजिये। याद रखिये, जब इंसान को सही ज्ञान मिलता हैं, तभी उसके जीवन में सफलता का सवेरा आता हैं। देर हो गई अब तो, अब क्या होगा ? ऐसा कहने वाले जीवन में कुछ नहीं कर पाते, जितना भी वक़्त बचा हैं उसे उपयोग में लाइए। अपने समय के महत्व को समझिये, समय किसी का इंतज़ार नहीं करता।

अपने अन्दर के कुम्भकरण को जगाइए

इंसान के जीवन में जागने का अर्थ मात्र सोकर जल्दी उठने में नहीं हैं। इसमें कोई दो राय नहीं की, जो उगते सूरज के साथ जो उठते हैं और अपना काम तय वक़्त पर पूरा करते हैं, वो कामयाब ज़रूर होते हैं। हम यहाँ पर ज्ञान के जागरण की बात कर रहे हैं। ज्ञान एक ऐसा दीपक हैं जो अज्ञानता के अँधेरे को दूर करता हैं। एक इंसान की सोई हुई बुद्धि को बाहरी शोर नहीं जगा सकती। इसके लिए उसे अपने अन्दर कुम्भकरण की नींद सोये हुए बुद्धि को जगाना होगा।

अपने लक्ष्य को निर्धारित कीजिये

व्यक्ति को जब तक अपने जीवन का लक्ष्य नहीं मिलता, तब तक वो बस भटकता रहता हैं। उसका जीवन उस सूखे पत्ते की तरह होता हैं, जो हवा के झोखे के साथ इधर उधर उड़ता फिरता हैं। जीवन रुपी पतंग बिना डोर के दिशाहीन हैं, जिसका कोई ठिकाना नहीं। इंसान का जीवन भी दिन रात के समान हैं, अगर अभी रात हैं तो कल सवेरा भी होगा।

ग्लास में कितना पानी बचा है ये देखिये

अगर आपने अपना कीमती वक़्त यूँही सोये हुए गुज़ार दिया हैं तो कोई बात नहीं, अभी आपके पास जितना वक़्त हैं उसे तो पछतावे का रोना रोकर बर्बाद मत कीजिये। ये देखिये की ग्लास में अभी कितना पानी बाकि हैं क्या वो हमारी ज्ञान के प्यास को तृप्त कर सकता हैं? ऐसी सोच के साथ, नए संकल्प के साथ अपने जीवन को फिर से शुरू कीजिये, सफलता ज़रूर मिलेगी।

जैसा कर्म वैसा फल

अपने लक्ष्य को हासिल कीजिये, संघर्ष कीजिये, कुछ नहीं करके हार मानने से अच्छा हैं की कुछ करके हार मानिये, इससे जीवन में पछतावा तो नहीं होगा। हार जीत का फैसला अपने कर्मफल पर छोडिये, क्योंकि यह दुनिया हमे वही लौटती हैं जो हम दुनिया को देते हैं।

जब जागो तभी सवेरा

अगर ज्ञान का दीपक जलने के बाद भी हम सोये रहते हैं तो यह हमारी कमजोरी और लाचारी हैं, आधा जीवन सोने में गया और बाकि का पछतावे में। यह जीवन आपका हैं, अगर आप अपने जीवन में अपने लक्ष्य को हासिल कर कामयाबी का सूरज नहीं लायेंगे तो कौन लायेगा? जैसे इंसान उगते सूरज के साथ काम पर लग जाता हैं, वैसे ही ज्ञान का प्रकाश मिलते ही अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक इंसान को देर नहीं करनी चाहिए।

अभी भी देर नहीं हुई हैं, कुछ अच्छा करने के लिए वक़्त नहीं देखते।

 

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Shyam Shah

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