0

अगर समृद्धि और शांति पाना है तो रोज़ ये दो शब्द ज़रूर कहें

धन्यवाद और आभार दो जादुई शब्द है, इसे बार बार दोहराइए

जीवन में सबकुछ मिल जाए तो ख़ुशी मिले न मिले, पर खुश रहने से सबकुछ ज़रूर मिल जाता हैं। यह जीवन का कितना बड़ा सत्य है की हमें मांगने से कुछ नहीं मिलता और बिन मांगे सबकुछ मिल जाता हैं।

संतुष्टता एक अनोखा गुण है

जो इंसान संतुष्ट हैं, जो कुछ भी उसके पास हैं, उसके लिए जब वो परमात्मा का दिल से धन्यवाद् और आभार प्रकट करता हैं तो उसे दाता और भी देते हैं। धन्यवाद और आभार में इतनी शक्ति हैं की वो आपको सबकुछ लाकर देती हैं, बिना मांगे ही।

वहीँ कुछ लोग अपनी गरीबी, दुःख और बुरी हालत का कारण परमात्मा को मानते हैं, वो रोज़ उनसे शिकायत करते हैं और कोसते हैं, इससे उनकी हालत और भी बदतर हो जाती हैं। जो कुछ थोडा बहुत हैं वो भी ख़त्म हो जाता हैं, धीरे धीरे।

आपके पास जो कुछ भी है, उसके लिए खुदा का आभार व्यक्त कीजिये

हमे जो कुछ भी आज तक मिला हैं, जो मिल रहा हैं और जो मिलने वाला हैं, उसके लिए परमात्मा का दिल से धन्यवाद और आभार व्यक्त करें। फिर देखिये, कैसे आपकी ज़िन्दगी बदलती हैं। दरअसल, यह प्रकृति का विज्ञानं हैं, की हम जो कुछ भी प्रकृति को देते हैं, हमे वही बढ़कर वापस मिलता हैं। प्रकृति के लिए कोई बड़ा छोटा नहीं हैं, प्रकृति किसी के साथ भेद भाव नहीं करती।

हम जाने अनजाने जो कुछ भी सोचते हैं, जैसी मनोस्थिति बनाते हैं, हमे वही वापस मिलता हैं। कोसने वाला हमेशा दुखी ही रहता हैं, और धन्यवाद कहने वाला कभी दुःख नहीं देखता।

सबके प्रति धन्यवाद और आभार प्रकट कीजिये

आपको सिर्फ परमात्मा का नहीं, बल्कि उन सभी को धन्यवाद और आभार देना चाहिए, जिनकी वजह से आप खुश रहते है। वो आपके दोस्त, रिश्तेदार, पडोसी, आपका पालतू जानवर, आपकी गाड़ी, मोबाइल, कंप्यूटर, नौकरी कुछ भी हो सकता हैं। सबका धन्यवाद और आभार कीजिये, उन तक पहुच नहीं सकते, तो मन ही मन उनसे कहिये, आपने जो कुछ भी किया मेरे लिए उसका धन्यवाद। हम जब किसी को उसके काम के लिए तारीफ करते हैं, तो वो हमारे लिए और अच्छा काम करता हैं।

अपने व्यवहार में भी ये दो चमत्कारी शब्द शामिल करें

यह दुनिया बहुत ही व्यवहारिक हैं, वो हमारा व्यवहार देखती हैं। एक कंडक्टर को थैंक यु बोलने से वो आपके लिए सीट का प्रबंध कर देता हैं, एक वाचमैन आपकी गाड़ी की पार्किंग की जगह बना देता हैं।

छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बात के लिए धन्यवाद और आभार प्रकट करें। ऐसा करके आपको भी ख़ुशी मिलती हैं और दूसरों को भी।

अपनी ज़िन्दगी के प्रति इमानदार रहें

शिकायत करने के लिए दुनिया में हजारों वजह हैं, पर धन्यवाद और आभार व्यक्त करने के लिए एक ही वजह बहुत हैं, वो हैं आपकी साँसे जो चल रही हैं। ज़रा सोचिये, इस वक़्त जब आप यह लेख पढ़ रहे हैं, दुनिया में कितने लोग ज़िन्दगी की आखिरी सांस ले रहे होंगे, और आप स्वस्थ हैं, जिंदा हैं।

इसके लिए तो कम से कम धन्यवाद और आभार व्यक्त कीजिये। इससे आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे, निरोगी रहेंगे। धन्यवाद और आभार अपनी ज़िन्दगी और इस ज़िन्दगी ने जो कुछ भी दिया हैं उसके लिए कीजिये, सुख, शांति और समृधि खुद आपके पास, आपको ढूंढते हुए आएगी।

Did you enjoy this article?
Signup today and receive free updates straight in your inbox. We will never share or sell your email address.
I agree to have my personal information transfered to MailChimp ( more information )

Shyam Shah

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *