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नए साल में ये 5 संकल्प आपको बनाएंगे कामयाब

अलविदा 2018, स्वागतम 2019

बस कुछ दिनों की बात हैं 2018 बदलकर 2019 हो जायेगा । हम हर साल की तरह एक साल और पुराने हो जाएंगे । कुछ अनुभव और कुछ गलतियां मिलकर हमारे साल को रेटिंग दिलाती हैं । तो कैसी रही इस साल की रेटिंग, कितने स्टार देंगे अपने गुज़रते साल को ?

साल की रेटिंग तब बनेगी जब हम कुछ नया करने की कोशिश करेंगे । वरना कैसे समझेंगे ये साल कैसे बेहतर या कमतर रहा।

इसलिए जरूरी हैं संकल्प लेना

इसलिए जरूरी हैं कि हम हर साल अपना विकास करें। हर साल कुछ नया और बेहतर करें, जिससे हम अपने व्यक्तिगत और अपने बचपन के सपनो को पूरा कर सके। ऐसे में हमें कुछ नया और बेहतर करने का संकल्प लेना जरूरी हैं। वैसे संकल्प कभी भी लिया जा सकता हैं, पर लोग साल के पहले दिन संकल्प लेना पसंद करते हैं। एक तो पुराने साल में हुई गलतियों को याद कर, उसे नए साल में न दोहराने का संकल्प आम हैं।

नया साल कुछ नया और बेहतर करने के लिए प्रेरित करता हैं सभी को । आइये इस बार इन 5 संकल्प के साथ अपने नए साल को बेहतर और कामयाब बनाये।

1. अच्छा स्वास्थ्य मतलब जीने का सही मज़ा

कहते हैं स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन हैं और हम इसी धन का सबसे ज़्यादा दुरूपयोग करते हैं। अपने सेहत, साफ़ सफाई और खान पान पर ध्यान ना देकर। लोग अक्सर आलस्य और स्वाद के चक्कर में अपने सेहत के साथ समझौता कर लेते हैं।

साल 2019 में अच्छी सेहत का लक्ष्य रखना हैं। बीमार और कमज़ोर इंसान ज़िन्दगी का मज़ा नहीं ले पाता। जीवन में कुछ भी बड़ा हासिल करने के लिए सेहत का दुरुस्त होना ज़रूरी हैं। आज से ही ये नियम अपना ले की किसी भी तरह से स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करेंगे।

ये ज़िन्दगी सिर्फ हमारी नहीं, इस पर हमसे भी ज़्यादा हक़ हमारे माँ बाप का हैं। हम ये कहकर नहीं बच सकते की ये मेरा शरीर हैं।

रोज़ सुबह उठकर हल्का व्यायाम, योग और ध्यान करेंगे। ये सभी मिलकर हमारे तन और मन को ऊर्जान्वित रखेंगे।हम थकेंगे कम तो ज़्यादा काम कर सकेंगे। इसलिए ये पहला संकल्प हैं, क्योंकि इसी पर बाकी संकल्प की नींव टिकेगी।

2. बचत और निवेश से मिलेगी आर्थिक आज़ादी

ना बाप बड़ा ना भईया, सबसे बड़ा रुपइया। कहते हैं दुनिया के 95% समस्या का समाधान धन से हो सकता हैं। यानि की धन हैं तो जीवन धन्य हैं। धन की अहमियत जानते हुए भी लोग इस धन का सदुपयोग नहीं करते। इसके कारण उन्हें छोटी छोटी ज़रूरतों के लिए तरसना पड़ता हैं। इसी धन के लिए इंसान को सब तरह से समझौता भी करना पड़ता हैं।

सिर्फ कमाई और कमाई से हम आर्थिक रूप से आज़ाद नहीं हो सकते। अगर हमें उन पैसो को बढ़ाना नहीं आता। बिना बचत और निवेश के हम, ताउम्र रुपये का ग़ुलाम बनकर रहेंगे। मज़ा तो तब है, जब आप आराम भी करे तो रुपये आपके लिए काम करे।

कहने का अर्थ हैं अपने बचत के पैसो को सही जगह पर निवेश करके, उसे काम पर लगाकर अपनी आमदनी बढ़ाना। इसलिए जरूरी हैं कि हम बचत और निवेश का संकल्प ले। इससे हमें कई फायदे होंगे।

हम आर्थिक रूप से आज़ाद होंगे और दूसरों का भी भला कर सकेंगे। आर्थिक आज़ादी मिलने से ज़िन्दगी का मज़ा कई गुना बढ़ जायेगा। हमें भविष्य की चिंता ना करते हुए, अपने आज का आनंद ले सकेंगे।

ज़रा सोचिए, जब रुपये की कमी से आपको अपने परिवार की ख़ुशी से समझौता करना होता हैं। छोटी छोटी ख्वाहिशों का गला घोटना होता है। रुपये कमाने के साथ उसका कुछ हिस्सा निवेश करके, हम भविष्य की तैयारी कर सकते हैं।

नए साल का ये दूसरा संकल्प आज ही लिख ले, आप कैसे आर्थिक आज़ादी की लिए स्वयं को तैयार करेंगे? कैसे आप अनुसाशन के साथ नियमित बचत और निवेश की योजना बनाएंगे।

3. ख़ुशी के लिए नहीं ख़ुशी से करेंगे

इंसान जब ख़ुशी पाने के लिए बाहर की विषय वस्तु पर निर्भर होता हैं, तो वो असली ख़ुशी हासिल नहीं कर पाता। अधिकतर लोग इसी कारण से दुखी रहते हैं, क्योंकि वो दुःख और सुख के असली कारण से अनभिज्ञ है। वो दुसरो के सुख से ज़्यादा दुखी और आने दुःख से कम दुखी हैं।

आज दुनिया में सबकुछ प्रतियोगिता और प्रतिस्पर्धा के बीच हैं। लोग अपने आप को कम और दूसरों को ज़्यादा अच्छी तरह से जानने में लगे हैं। इसलिए वो अपने अंदर की ख़ुशी औरों में ढूंढते हैं।

साल का ये तीसरा संकल्प इसलिए भी बेहत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसके बिना हर ख़ुशी और उपलब्धि छोटी हैं। आज छोटे घर में खुश नहीं हैं, तो कल बड़े घर और उसके बाद और बड़े घर की चाहत में कितने दिन खुश रह सकेंगे?

हमेशा दूसरों से प्रसंशा सुनकर खुश होने वाले, ठगे जाते हैं। उन्हें उनका वास्तविक ज्ञान नहीं होता, वो दुसरो के रिमोट से कण्ट्रोल होते हैं। खुश रहना हैं तो किसी पर भी निर्भर नहीं रहना हैं। उम्मीद सिर्फ अपने आप से करनी हैं, औरो से उम्मीद हमेशा ख़ुशी नहीं देती।

याद रखिए, कामयाबी से ख़ुशी मिले ना मिले, पर खुशी से कामयाबी ज़रूर मिलती हैं।

4. इस साल क्या नया सीखना चाहते हैं आप?

जो इंसान सीखता नहीं वो अपनी प्रगति को रोकता हैं। जो सीखता हैं हमेशा उसकी प्रगति औरों से ज़्यादा होती हैं। सीखने का महत्व इसलिए हैं क्योंकि ये आपके ज़िन्दगी को रोमांचक बनाये रखती हैं। सिर्फ डिग्री वाली सीख नहीं, हर किसी से कुछ न कुछ सीखने की ललक।

ज़िन्दगी में हम सबकुछ एक ही जगह नहीं सीख सकते। हर किसी से कुछ न कुछ सीख कर हम स्वयं को ज़्यादा सफल बना सकते हैं।

ये चौथा संकल्प आपके जीवन के लिए बहुत ज़रूरी हैं। अगर आपने अभी तक कुछ भी सीखने से खुद को रोका था, तो इस नए साल सीखने की लिस्ट बनाइये।

आप क्या सीखेंगे और किससे? आज कल तो सीखना बहुत आसान हैं, बस सीखने की तड़प और प्यास होनी चाहिए।

5. किसी से मिलिए, नई जगह घूमिये, आज़ाद कीजिये

आजकल हम सभी टेक्नोलॉजी और इंटरनेट के ग़ुलाम बन गए हैं। हम व्यस्त हैं अपने काम में तो ठीक हैं। मगर जब हम खली भी हैं तो घर की चार दिवारी और इंटरनेट में उलझे हैं।

हमारा तन और मन स्फुर्ति और रिचार्ज होने के लिए प्रकृति का स्पर्श या नई जगह जाना चाहता हैं। किसी नई जगह घूम कर आने से हम बहुत ही रिलैक्स महसूस करते हैं। ज़रूरी नहीं की आप महँगा ट्रिप ही प्लान करे।

अपने आस पास किसी जगह जाइये, नए या पुराने दोस्त से मिलिए। महीने में एक बार भी नई जगह जाने से आप साल भर में बहुत कुछ नया देख सकते हैं।

ये पांचवा संकल्प आपके जीवन को ताज़गी और एक नई ऊर्जा से भर देगा। इसके बाद आप अपने काम से बोर्नहि होंगे बल्कि अपने काम को एन्जॉय करेंगे।

तो दोस्तों आपसे मैं यही कहूंगा कि अपने आने वाले साल को यूँही जाया मत कीजियेगा। कुछ ऐसा कीजिये की आप अपने हर साल में प्रगति करते जाए। आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।

आपका मित्र श्याम शाह।

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Shyam Shah

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