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ना से नाकामयाबी और हाँ से हासिल, किसे चुनेंगे आप?

अपनी जीत और हार आप तय करते हैं

हम अपने जीवन में ‘ना’ शब्द सुनने के इतने आदि हो जाते हैं, की ‘हाँ’ कहना या करना बड़ा मुश्किल लगने लगता है। जीवन का हर फैसला छोटा हो या बड़ा, उसकी शुरुवात हाँ से या ना से होती हैं। ना कह देने से कुछ भी नहीं बदलता, जैसा चल रहा है वैसा ही सब चलता रहता है, इसलिए यह सबको आसान लगता है। हाँ कहने से बदलने की प्रक्रिया, बदलाव शुरू हो जाता हैं। हाँ, करना आसान नहीं होता, पर इससे ज़िन्दगी के मायने बदलने लगते हैं। हाँ करके देखिये।

अगर हम सोचते हैं की, ‘हाँ’ कर सकते हैं, या ‘नहीं’ कर सकते हैं, दोनों ही हालत में हम सही हैं। कैसे? हम जो भी आर्डर अपने मन को देंगे वो उसे ही स्वीकार करेगा। ना कहते ही उस काम को नहीं करने के सौ बहाने मिल जायेंगे। अगर हाँ कहेंगे तो सौ रास्ते मिल जायेंगे, उस काम को करने के। हमारा मस्तिष्क हाँ और ना में अंतर नहीं कर पाता, वो तो एक आज्ञाकारी सेवक की तरह अपने मालिक का हर कहना मानता है।

ना कहकर हम अपनी तरक्की और आगे बढ़ने का रास्ता खुद बंद कर देते हैं। हमारा मन जिस काम को पूरा करने की ठान लेता हैं, उसे वो पूरा करके ही रहता है। मन और मस्तिष्क दोनों ही शक्तियों के स्रोत हैं, और वे डोलते हैं आपके निर्णय से, आपके सकरात्मक शब्दों से। बड़ी सीधी सी बात हैं, ना से नाकामयाबी ही मिलती है और हाँ कहने से हासिल होता है।

सफलता के लिए हां कीजिये

अगर हमें जीवन में सकरात्मक बदलाव लाना है, तो हाँ कहना सीखिए। किस काम को हाँ और किस काम को ना करना हैं, यह बात भी समझ लेनी चाहिए। पढाई के वक़्त पढाई और खेल के वक़्त खेल, अगर ऐसा न हो तो परिणाम गलत होगा। जीवन में हम एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित करें, और फिर उसके हिसाब से किस काम को हाँ कहें या कहें ना, खुद स्पष्ट हो जायेगा।

जब हम अपने जीवन में हाँ शब्द का इस्तेमाल अधिक करने लगेंगे, तो ना से नाता खुद कम हो जायेगा। हाँ करने से हमारे अन्दर की सोई शक्तियां जागृत होंगी। हमें जो काम पहले मुश्किल लगता था, वो आसान लगने लगेगा। हमें खुद आश्चर्य होगा की ये काम तो बड़ा आसान था, फिर मैं क्यों नहीं कर पाया था।

काम को मुश्किल समझकर हम हाँ या ना करते हैं, जबकि काम हमारे सोचने से मुश्किल और आसान बन जाता हैं। अगर आप हाँ कहेंगे तो आप वो सब कुछ हासिल कर सकेंगे, जिसे ना कहकर आपने नामुमकिन समझ लिया था। अपने आप को आईने में देखकर रोज़ कई बार ‘हाँ मैं कर सकता हूँ’ कहने का प्रयास करें, इससे आपका आत्मविश्वास बढेगा और आप हाँ आसानी से कर पाएंगे।      

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Shyam Shah

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