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निराश न हो, जो होता हैं अच्छे के लिए होता है

कुछ भी बिना कारण नहीं होता, सबके पीछे कोई वजह होती हैं

कभी कभी हम यह समझ नहीं पाते की ऐसा मेरे साथ ही क्यों हो रहा हैं? आखिर भगवान चाहते क्या हैं? इसका जवाब है, ईश्वर अकारण कुछ नहीं करते, वो जो करते हैं उसमे हमारी भलाई छुपी होती है। ईश्वर जो करते हैं हमेशा अच्छे के लिए ही करते हैं। हमें इसका आभास बाद में होता है, जब हम अपनी सफलता को पिछली कड़ी से जोड़कर देखते हैं।

इश्वर हमें हमेशा वही देते हैं जो ज़रूरी है

हमें वो नहीं मिलता, जो हम मांगते हैं, हमे वो मिलता हैं जो हमारे लिए उस समय ज़रूरी होता है। आपने कभी सोचा हैं, भगवान क्यों किसी को मुसीबत और परेशानी में डालते हैं? इसलिए की ईश्वर उसे मजबूत और शक्तिशाली बनाना चाहते हैं। लेकिन यह बात तब समझ नहीं आती, और हम यही कहते हैं मेरे साथ बहुत बुरा किया ईश्वर ने।

विपरीत परिस्थितियों में छुपे ज्ञान को खोजिये

अगर हम सकरात्मक दृष्टि से सोचें और देखें, तो समझ पाएंगे की जो हुआ, अच्छा हुआ, जो हो रहा है अच्छा हो रहा हैं, और आगे भी जो होगा अच्छा ही होगा। भगवान हमारा भला बुरा हमसे बेहतर  समझते हैं। हम गलती कर सकते हैं, मांगने में, पर वो हमे देने में कभी गलती नहीं करता।

सबको उसके काबिलियत के अनुसार ही मिलता है

वो सबको उसके कर्म और गुण के हिसाब से सौंपते हैं। अगर उन्हें लगता है की मांगने वाला उससे ज्यादा की काबिलियत रखता है, तो उसे वो मिलता है। पर भक्त को इसके पीछे की मंशा नहीं समझ आती, और उसे लगता है ये तो बुरा हुआ उसके साथ। जो कम की काबिलियत रखता हैं, उसे कम मिलता हैं, अगर वो उसमे अच्छा करेगा तो फिर उसे उससे बेहतर मिलेगा।

जो हुआ अच्छा हुआ, जो होगा वो भी अच्छा होगा

अगर पिछली बातों को आप याद करेंगे, तो समझेंगे की उस समय जो हुआ, ठीक ही हुआ था। अगर आपके साथ उस समय ऐसी मुसीबत ना आई होती, तो आज आप इतने कामयाब नहीं हो पाते। ऐसा अनुभव हर किसी को अपने जीवन में होता हैं।

अगर जीवन में ठोकर मिलती है, तो उससे ज्ञान ही मिलता है। समझदार इंसान उस ज्ञान से सीखकर आगे बढ़ता है, मुर्ख इंसान, उस वक़्त को, उस पत्थर को और भगवान को कोसता है। अच्छाई और बुराई तो हमारे सोच में है, समय में नहीं।

हमेशा सकरात्मक दृष्टि रखिये

जीवन के हर पल में जो सकरात्मक दृष्टिकोण रखता है, सीखने की जिज्ञासा रखता हैं। उसके लिए हर दिन अच्छा हैं। उसे कुछ न कुछ अच्छाई नज़र आ ही जाती हैं, जीवन के विपरीत परिस्थितियों में भी। इसलिए कहते हैं, कुछ भी अकारण नहीं होता, जो होता हैं, हमेशा अच्छे के लिए ही होता हैं।

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Shyam Shah

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