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पेपर बचाकर पेड़ और पर्यावरण की रक्षा कीजिये – गो ग्रीन एंड गो डिजिटल

paper aur paryawaran ki raksha

क्यों ज़रूरी है पेपर को बचाना, कैसे करें पर्यावरण की रक्षा   

आज पेपर का इस्तेमाल हम बिना सोचे समझे धड़ल्ले से करते हैं, अपने दैनिक जीवन में। हम अपने घर, ऑफिस, स्कूल आदि जगह जो पेपर का इस्तेमाल करते है, वे करोड़ों पेड़ो को काटकर तैयार किया जाता है। पेपर के वजन से करीब तीन गुना अधिक पेड़ों का इस्तेमाल होता है, उसे तैयार करने में।

पेपर सबको बड़ा सस्ता लगता है, जितना मन किया यूज़ किया, बाकि का फेंक दिया। पेपर की असली कीमत वो नहीं जो हम रुपये में देते है। पेपर की असली कीमत वो है जो हमें एक दिन बहुत महँगा पड़ने वाला है। इसलिए हमें इसका इस्तेमाल बहुत अच्छी तरह से सोच समझकर करना है। पेपर को बचाकर ही हम दुनिया को आने वाले खतरे से बचा सकते हैं ।

पर्यावरण की रक्षा करना हर एक की ज़िम्मेदारी है

पर्यावरण को बचाने की ज़िम्मेदारी किसी एक की नहीं है, यह सबकी ज़िम्मेदारी है, क्योंकि यह दुनिया सबका घर है। अपने घर को बचाना है तो खुद ही कदम उठाना होगा। ये कदम हम पेपर का कम इस्तेमाल करके उठा सकते हैं। जितनी ज़रूरत हो उतना ही इस्तेमाल करेंगे, पेपर को बर्बाद नहीं करेंगे, उसका पूरा उपयोग करेंगे।

आइये पेपर सेव करने के कुछ आसान तरीको को समझते हैं

पपेर बिल की जगह इ-बिल का इस्तेमाल कीजिये

अपने बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल बिल, टिकट्स, क्रेडिट कार्ड बिल, इलेक्ट्रिक बिल, और भी कई सारे बिल पाने के लिए अपना ई मेल आईडी उपयोग में लाये। इसके कई फायदे होंगे, पेपर की बचत और आप अपना डॉक्यूमेंट कही से भी चेक कर सकेंगे और उसे संभाल कर रख सकेंगे।

जितनी ज़रूरत हो उतना ही पेपर का इस्तेमाल करें

अपने घर में जितना हो सके पेपर का कम इस्तेमाल करेंगे, कॉपी और नोट बुक के हर पेज का यूज़ करेंगे। बच्चों को भी प्रोत्साहित करेंगे, ताकि उन्हें पेपर की असली कीमत का अंदाज़ा लग सकें।

पेपर का पूरा पूरा उपयोग करें

प्रिंट का बटन दबाने से पहले ज़रा सोचिये, क्या सच में इसकी ज़रूरत हैं? अगर है तो कितनी? ज़रूरत के हिसाब से प्रिंट करें। पूरी तरह से डॉक्यूमेंट को चेक कर ले, जब सबकुछ ठीक हो तभी प्रिंट का बटन दबाये। प्रिंट कागज़ की दोनों ओर करे, फॉन्ट हिसाब से रखें, जितना की पढ़ सकें। पेपर के सही इस्तेमाल के लिए औरों को भी समझाए।

नई की जगह पुरानी पुस्तकों को प्रयोग में लाये

ज़रूरी नहीं की पाठ्यकर्म की हर पुस्तक नई ही खरीदी जाए, हमें पुरानी किताबों की ओर भी रुख करना चाहिए, इससे पर्यावरण और आपकी जेब को भी फायदा हैं। पुरानी किताबों को ज़रूरतमंद तक पहुचाइए, डोनेट कीजिये । बहुत सारी नोट्स इकट्ठा करने के लिए, आप किसी सार्वजनिक पुस्तकालय की सदस्यता ले सकते हैं। एक ही पुस्तक जब बहुतों के काम आएगी, तो नई प्रिंट की ज़रूरत कम होगी।

ऑनलाइन और इ बुक रीडर का इस्तेमाल कीजिये

आजकल बुक्स और स्टडी मैटेरियल्स ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं, जो ज्यादा सुविधाजनक है, इससे बेकार का बोझ भी कम होता है। बुक पढ़ने के लिए इ-बुक्स रीडर, जैसे किन्डल एक बहुत अच्छा विकल्प हैं। इसमें आप हजारों किताब एक साथ रख सकते हैं, जब चाहे पढ़ सकते है।

रीसाइकल्ड पेपर का इस्तेमाल कीजिये

बाज़ार में रीसाइकल्ड पेपर भी मिलते है, जो काफी सस्ते होते हैं, जिन्हें पुराने पेपर के इस्तेमाल से बनाया जाता हैं। इससे लाखों तन पेड़ों की कटाई की ज़रूरत नहीं पड़ती, हमें इसके इस्तेमाल पर बढ़ावा देना चाहिए। ऐसे पेपर पर्यावरण को बचाने का काम करते हैं।

क्योंकि…पेड़ और पर्यवरण से हम सब की ज़िन्दगी जुडी हैं

ये सभी उपाय एक कोशिश है, पर्यावरण को पेड़ों की कटाई से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए। किसी भी बड़े सफ़र की शुरुवात एक छोटे से कदम से होती है। पेपर का कम इस्तेमाल करना एक ऐसा ही छोटा कदम हैं, पर बड़े बदलाव के लिए ये बहुत ज़रूरी है। आज से ही पेपर का इस्तेमाल करने से पहले सोचिये, कही आप उसे बर्बाद तो नहीं कर रहे हैं ? पेपर बचाकर पर्यावरण को बचाइए।

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Shyam Shah

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