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मोदी है तो मुमकिन है। मोदी जी से सीखने वाली बातें।

नए भारत की नई सोच मोदी

17 वी लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों से पूरा देश खुश है। क्योंकि इस बार चुनाव के पुराने मुद्दे दम तोड़ते नज़र आये। आरक्षण, जातिवाद, वंशवाद का मुद्दा राष्ट्रवाद के सामने हार गया।

ये नई सोच है भारत के 15 वे प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की।

विपक्षी पार्टी की एकजुटता भी अकेले मोदी का कुछ नहीं बिगाड़ सकी। झुण्ड में तो गीदड़ आते हैं शेर तो अकेला ही आता है। ये कहावत मोदी जी पर सटीक बैठती है।

चुनाव में मिली प्रचण्ड बहुमत का मोदी जी के व्यक्तित्व और रणनीति से सीधा सम्बंध है। आइये समझते है उनके व्यक्तित्व और जीत से हम क्या सीख सकते हैं?

सच की जीत निश्चित है।

झूठ चाहे कितना भी शोर मचाये, एक दिन वो सच के सामने खामोश हो ही जाती है। मोदी जी के शाशनकाल में उनके द्वारा किये गए सर्जिकल स्ट्राइक्स पर सवाल उठाये गए। विपक्ष ने एकजुट होकर इसे झुठलाना चाहा। लेकिन जो सच है वो सच है।

जनता जानती है कौन देशहित में सोचता है और कौन नीजीस्वार्थ में। चुनाव के परिणाम बताते हैं कि देश को मोदी जी जैसा मज़बूत प्रधान मंत्री चाहिए। ताकि अगली बार कोई दुश्मन देश हम पर आँख उठाने से पहले अंजाम से ही डर जाए।

ख़ामोशी से तयारी और सफलता से शोर।

अक्सर कुछ लोग सफलता प्राप्त करने से पहले ही इतना शोर मचा देते हैं कि परिणाम के बाद किसी को मुँह नहीं दिखा पाते। आपने इसे सच होते देखा होगा विपक्षी पार्टियों के बीच। जो आज परिणाम निकलने के बाद मुँह छुपाते फिर रहे हैं।

मोदी जी ने इनके शोर शराबे का जवाब अपनी रणनीति और देशहित में किये गए कार्य से किया। उन्हें पता था कि उनकी मेहनत सफल होगी और वैसा ही हुआ। जब चुनाव के परिणाम सामने आये तो पूरे विश्व में मोदी की वाह वाही हुई।

स्वयं की अच्छी समझ ज़रूरी है।

अक्सर प्रतियोगिता में लोग दूसरों को अधिक महत्व देते हैं। ये सोचते है कि वो हमसे किन क्षेत्र में ज़्यादा सक्षम है। दुसरो की कमज़ोरी और मजबूती का पता हमें होना चाहिए। लेकिन स्वयं के बारे में सही ज्ञान उससे ज़्यादा ज़रूरी है।

मोदी जी योग साधना करते है, वो ध्यान लगाकर अपने आपको समझते हैं। जिसे अपने अंदर छुपी शक्ति और प्रतिभा का ज्ञान है वो कभी युद्ध से चिंतित नहीं होता। वो दुश्मन की हर चाल का जवाब देना जानते है जो उनकी जीत को सुनिश्चित करती है।

एक सफल मार्गदर्शक

एक सफल नेता न सिर्फ अपना बल्कि अपने पूरे टीम का मार्गदर्शन करता है। अगर मार्गदर्शन सही न हो तो संगठन को बिखरते और हारते देर नहीं लगती।

मोदी जी के पास 20 वर्षो का राजनीतिक अनुभव है। वो लगातार 3 बार गुजरात के मुख्यमंत्री और दूसरी बार प्रधान मंत्री बनने जा रहे हैं। उनका ये अनुभव उनके राजनैतिक पार्टी को सफलता दिलाने में सक्षम है।

टीम भावना को समझना और विकास करना।

वो अपने टीम के हर सदस्य के कार्य की समीक्षा करते है। वो अपने सहयोगियों का धन्यवाद करना कभी नहीं भूलते। वो जानते है बिना मज़बूत संगठन के कामयाबी नहीं मिल सकती।

जब तक आप अपने टीम को साथ लेकर नहीं चलेंगे आप ज़्यादा आगे नहीं बढ़ेंगे। इसलिए मोदी जी के संगठन में हर सदस्य खुद को महत्वपूर्ण समझता है। हर कार्यकर्ता एक व्यक्ति है उसकी भी कुछ भावनाएं है, जिसे मोदी जी समझते हैं। वो अपने पार्टी को अपना परिवार समझते हैं।

अपने काम में ईमानदारी

मोदी जी का व्यक्तित्व एक ईमानदार नेता की है। एक ईमानदार व्यक्ति ही अपने कार्य के प्रति ईमानदारी दिखा सकता है। जो व्यक्ति अंतरात्मा से ईमानदार हो वो कभी बेईमानी नहीं कर सकता। फिर चाहे वो स्वयं के प्रति हो या देश के।

उनकी यही ईमानदारी आज लाखों युवकों की प्रेरणा हैं। वो अपने आपको भी अनुशासन में रखने की ईमानदारी रखते हैं। उनका दैनिक जीवन, खान पान, व्यव्हार, बातचीत सबकुछ अनुकरणीय है।

देश को आगे ले जाने वाली योजनाएं।

कोई भी देश तभी आगे बढ़ता है जब उस देश का शासक कुशल और दूरदर्शी होता है। मोदी जी ने 2014 से 2019 तक भारत में कई सफल योजनाएं चलाई। जिसका फायदा देश की जनता को मिला, और इसलिए जनता ने भी खुलकर अपना समर्थन दिया।

उनके द्वारा लागू किया गया स्वक्ष भारत अभियान, मेक इन इंडिया, प्रधानमंत्री जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, नोटबन्दी, जी एस टी, ट्रिपल तलाक विरोधी अध्यादेश, प्रधानमंत्री आवास योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और प्राधन मंत्री आयुष्मान भारत योजना बहुत ही महत्वपूर्ण है।

जातिवाद, परिवारवाद से ऊपर राष्ट्रवाद

आज़ादी के बाद से कभी भी किसी पार्टी ने राष्ट्र के बारे में इतना काम नहीं किया था। आजतक देश में सिर्फ बुनियादी ज़रूरतों और जातिवाद, समाजवाद, आरक्षण, वंशवाद और धर्म के नाम पर ही ज़्यादा ध्यान दिया जाता था।

लेकिन मोदी जी इन सबके साथ साथ राष्ट्र की सुरक्षा , देश दुनिया में भारत का नाम स्थापित करने पर ज़ोर दिया। उनकी ही निडरता और दुश्मनों को जवाब देने का परिणाम है भारत की ससक्त छवि। जिनकी औकात नहीं थी वो भी भारत को दबाकर रखते थे। पर आज मोदी जी ने दुश्मन देश की हालत खराब कर दी हैं।

मोदी जी की सोच और दूरदर्शिता का ही परिणाम है की आज पूरे विश्व में भारत एक मजबूत देश बनकर उभरा है। उनकी ये सोच देश की युवाओं से जुड़ती है जिनसे राष्ट्र बनता है।

इसलिए ये बात 100 फीसदी सच है कि मोदी है तो मुमकिन है। धन्यवाद।

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Shyam Shah

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