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विपक्ष की घटिया और राजनीतीक स्वार्थ का शिकार भारत

भारत एक गणतांत्रिक देश है। यहाँ हर किसी को अपना राजा यानि शासक चुनने का अधिकार है। यहाँ राजा का बेटा राजा नहीं बन सकता, यह लोकतंत्र है। जो नेता अच्छा काम करे उसकी जीत होनी चाहिए। लोकतंत्र में विपक्ष का रोल अहम होता है। विपक्ष जनता के हितों का प्रतिनिधित्व करती है। वो शासक के हर कार्य की आलोचना करती है, उसे परखती है।

विपक्ष अगर ससक्त हो तो कोई भी राजा जनता के साथ अन्याय नहीं कर सकती। लेकिन अगर विपक्ष कुर्सी और सत्ता पाने की लालच में अंधी हो जाए यो फिर राजा के नेक कार्य में भी उसकी आलोचना होती है। विपक्ष अपने दायित्व से भटक कर जनता को गुमराह करता है।

आज की राजनीती में ये बात बिलकुल सटीक बैठती है। देश का राजा अपने विपक्ष की घटिया राजनीती से परेशां है। चाणक्य ने कहा था, जब सारा विपक्ष एकजुट हो जाए तो समझ लेना देश का राजा ईमानदार है।

पुलवामा में जो कायराना हरकत पाकिस्तान ने की, जिसमें चालीस जवान शहीद हो गए। उनकी शहादत का बदला जब लिया गया, एयर सर्जिकल स्ट्राइक से। तो विपक्ष को ये चुनावी ड्रामा लगा।

जब देश की रक्षा और जवाबी कार्यवाही करते हुए वीर अभिनन्दन दुश्मनो के देश में फंस गए। उनकी रिहाई हुई दो दिनों के अंदर, सिर्फ भारत के प्रधान मंत्री की कुटनीति से। उनकी भारत वापसी पर कुछ विपक्षी नेताओं ने इसका धन्यवाद पाकिस्तान के प्रधान मंत्री को दिया। शर्म आनी चाहिए उन नेताओं को, जो अपने देश से नमक हरामी करते है।

सारा विपक्ष एकजुट है क्योंकि देश का राजा कद्दावर है, जिससे इनकी कद काम हो गई है। अपने देश का, सेना का पराक्रम इन्हें नहीं दीखता। इन्हें सबूत चाहिए, क्यों?

क्या करेंगे सबूत का ये, इन्हें तो सबूत के बहाने अपनी अपनी घटिया राजनीती करनी है। विपक्ष का पूरा ध्यान जनता को देश की जीत से हटाना है।

देश सुरक्षित हाथों में है तो इनके पास कोई मुद्दा नहीं है। आम आदमी ने कभी सबूत नहीं माँगा। क्योंकि उन्हें अपने नेता पर भरोसा है।

जो आज विपक्ष में है वो कभी देश के दुश्मनों से बदला ले न सके। भारत को एक सहनशील, क्षमाशील देश बनाकर रखा। जिससे दुश्मन देश ने भारत पर तमाम आतंकी हमले किये। भारत को कमज़ोर बनाने में कमज़ोर सरकार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सेना के हाथ बांधकर रखे, क्योंकि डर था अंजाम से। देश की सेना और शस्त्र कितने भी मजबूत हो, अगर राजा कमज़ोर हो तो जीतना मुश्किल है। आज की सरकार ससक्त और बलशाली है सेना ने इसलिए बदला लिया।

जो लोग देश की रक्षा, सुरक्षा और शहादत का अपमान कर रहे है। वो संभल जाए वरना चुनाव में उन सबका भी सर्जिकल स्ट्राइक होना पक्का है।

आज देश को एकजुट होकर देश की सुरक्षा करनी है। जब देश सुरक्षित रहेगा, तो सब ठीक रहेगा। देश से बड़ा कोई नहीं है। जो इस देश का नहीं हुआ वो किसी और का क्या होगा?

हमारा एक गलत फैसला हमें अगले पांच सालों के लिए नर्क में दुःख दर्द में पंहुचा सकता है। हमारा एक एक मत कीमती है, इसका सही इस्तेमाल देश को ससक्त और मजबूत बना सकता है।

आने वाले चुनाव में अभी वक़्त थोड़ा है, विपक्ष अपनी घटिया राजनीती से जनता को ज़रूर बहकायेगी। ज़रा संभलकर, सोच विचारकर फैसला लेना है, देश की भलाई के लिए, अपनी भलाई के लिए। जय हिंद, जय भारत।

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Shyam Shah

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