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सद्भावना दिवस हम क्यों और कैसे मनाते हैं – पूरी जानकारी (20 अगस्त 2018 )

क्या हैं सद्भावना दिवस ?

आज 20 अगस्त 2018 (सोमवार ) का यह दिन, स्वर्गीय राजीव गाँधी जी के जन्म दिवस को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता हैं।  आज उनकी 74वी वर्ष गाँठ हैं। सद्भावना का अर्थ हैं सबके प्रति शुभ भावना, एक दूसरे के प्रति सम्मान और भाईचारे का संदेश फैलाना ही सद्भावना दिवस का लक्ष्य हैं।

सद्भावना दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य

राजीव गाँधी सरकार अपने कार्यकाल में हमेशा यही चाहती थी की, सब जन एक दूसरे के प्रति आस्था, विश्वास और प्रेम की भावना रखें।  किसी भी देश की शांति, प्रगति, खुशहाली और एकता के लिए सबसे ज़रूरी हैं की लोग एक दूसरे के प्रति सद्भावना रखें। सद्भावना दिवस भी इसी संदेश को जन जन तक प्रसारित करता हैं, प्रत्येक वर्ष सद्भावना दिवस का आयोजन कर।  

कैसे मनाया जाता हैं सद्भावना दिवस ?

भारत के सभी जाती, धर्म और संप्रदाय के बीच सामुदायिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, शांति प्यार और मेल मिलाप को बढ़ावा देने के लिए, इस दिन कांग्रेस पार्टी द्वारा केक काटकर इसे मनाया जाता हैं।  इस दिन देश के अलग अलग राज्यों में कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिता रखी जाती हैं।

प्रकृति की हरियाली और सुंदरता को बढ़ावा देने के लिए, पेड़ लगाए जाते हैं, लोगो को स्वक्षता और गो ग्रीन का महत्व समझाया जाता हैं।  इस दिन लोगो को पर्यावरण और प्राकृतिक संपदा की रक्षा के उपाय आदि भी समझाए जाते हैं। प्रकृति, और वातावरण को स्वक्ष रखने की दिशा में, लोगो को जागृत किया जाता हैं।  

इस दिन राजीव गाँधी जी की प्रतिमा को फूलों और पुष्पमाला से सुसज्जित किया जाता हैं।  राजीव गाँधी के वीर भूमि स्मारक पर फूल अर्पण कर उनको याद किया जाता हैं। राजीव गाँधी के राष्ट्रीय प्रगति के सपने को साकार करना, सद्भावना दिवस की  मुख्य विशेषता हैं।

एक भारतीय की – सद्भावना दिवस प्रतिज्ञा

“ मैं ये प्रतिज्ञा लेता /लेती हूँ, मैं भारत की भावनात्मक एकता को बनाये रखने के लिए, कभी जाती, धर्म, क्षेत्र और भाषा को एकता के बीच में आने नहीं दूंगा/दूँगी । और मैं यह भी प्रण लेता / लेती  हूँ, मैं बिना किसी हिंसा को अपनाये, लोगो के बीच की दूरियों को बात चीत और संवैधानिक तरीके से हल करूँगा / करूंगी ।

सद्भावना दिवस की विशिष्टता

राजीव गाँधी जो भारत को एक विकसित देश बनाने का सपना देखते थे, उनके जन्म दिवस को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता हैं।  उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए कई तरह के सामाजिक, आर्थिक कदम उठाये थे। विकसित और प्रगतिशील भारत का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने जो स्पीच / भाषण दिए थे, उसे आज के दिन  याद किया जाता हैं।

राजीव गाँधी जी के शब्दों में “ भारत एक पुराना देश, पर एक नया राष्ट्र हैं।  युवा होने के नाते हमारे अंदर अधीरता हैं। मैं जवान हूँ और मेरा एक सपना हैं।  मैं भारत को शक्तिशाली, स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और मानवता की सेवा में दूसरे देशो की तुलना में  सबसे अग्रणी देखना चाहता हूँ।

सद्भावना पुरस्कार प्राप्त करने वाले विशिष्ट हस्तियां

वो हस्तियां जिन्होंने सद्भावना पुरस्कार प्राप्त किये, मानव सेवा,  शांति, प्रगति और आपसी एकता के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए। मदर टेरेसा, सुनील दत्त, लता मंगेशकर, दिलीप कुमार, उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ, के.आर.नारायण, जगन नाथ कौल, दिलीप कुमार, मौलाना वहीउद्दीन खाँ, कपिला वात्सायन, मुहम्मद युनस हितेश्वर सईकिया और सुभद्रा जोशी (संयुक्त), निर्मला देशपांडे, तीस्ता सीतलवाड़ और हर्ष मंडेर (संयुक्त), एस एन सुब्बाराव, स्वामी अग्निवेश और मदारी मोईदीन (संयुक्त), एन राधाकृष्णन, डी.आर.मेहता, हेम दत्ता, मुजफ्फर अली (भारत के नामी फिल्कार), गौतम भाई, स्पिक मैके।  

 

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Shyam Shah

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