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सफलता के लिए शॉर्टकट का रास्ता नहीं, मेहनत की राह चुनिए

" safalta ka shortcut nahi hota "

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता

अक्सर हम दूसरों की कामयाबी से प्रभावित होकर, ये सोचते हैं की वो कितना लकी हैं। हम ये नहीं देखते की उसकी सफलता के पीछे, कितनी संघर्ष और कितनी मेहनत छुपी हुई हैं? इसी गलती के कारण, हम वैसी सफलता प्राप्त करने का आसान और शॉर्टकट तरीका ढूंढते हैं। नतीजा ये होता हैं की हमे कुछ नहीं मिलता। जबकि, सफलता का एक ही तरीका हैं, वो है सही मेहनत, सही दिशा में।

शॉर्टकट का चक्कर ही आपका सबकुछ बर्बाद कर देता हैं

शॉर्टकट का सीधा मतलब है, कम मेहनत या बिना किसी मेहनत के फल पाने की तिकड़म। इसी का फायदा उठाकर लोग, अपना उल्लू भी सीधा करते हैं। शॉर्टकट से सफलता दिलाने के लिए, कुछ जालसाज़ एक जाल बुनते हैं, जिसमे लोग बुरी तरह फंस कर अपना सबकुछ बर्बाद कर लेते हैं।

जैसे धन को कम समय में दुगुना करने की स्कीम, परीक्षा से पहले पेपर दिलाना, बिना किसी मेहनत के मोटापा कम करना या नकली मार्कशीट बनाना, सरकारी नौकरी में भर्ती, और भी बहुत कुछ। आपकी कमजोरी का फायदा हर कोई उठाना चाहता हैं, अपने आप को कमज़ोर न पड़ने दे, कभी। शॉर्टकट की राह में कभी सफलता नहीं मिलती।

शॉर्टकट से मिली सफलता शार्ट टर्म के लिए होती हैं, जिसकी कोई गारंटी नहीं

जंगल में हर तरह के पेड़, पौधे, घास आदि होते हैं, कुछ जल्दी से बड़े हो जाते हैं। जैसे जंगली घासें, जो  3-4 महीनो में उगते हैं और कुछ महीनो में ख़त्म भी हो जाते हैं। वही एक पेड़, जो धीरे धीरे बड़ा होता हैं, उसकी जड़े और शाखाएं मजबूत होती है, जिसके कारण उस पेड़ की उम्र बहुत अधिक होती हैं।

ठीक उसी तरह, जो लोग कामयाबी के लिए कोई भी शॉर्टकट तरीका अपनाते हैं, उनकी कामयाबी की अवधि भी कम हो जाती हैं। शॉर्टकट का मतलब हैं, ज्ञान और प्रशिक्षण से समझौता करना। याद रखिये, शॉर्टकट उस लिफ्ट की तरह हैं, जो कभी भी बंद पड़ सकती हैं। लेकिन सीढ़ी कभी बंद नहीं पड़ती, उसमे आप कभी भी नहीं फसतें।

शॉर्टकट अपनाकर आप अपना विकास नहीं करते

शॉर्टकट अपनाने वाले, अपने साथ अन्याय करते हैं। दरअसल वो अपनी शक्ति, आत्मविश्वास और अपने  गुणों पर यकीन नहीं रखते। उन्हें लगता हैं, इसके बिना भी कामयाबी मिल सकती हैं, फिर मेहनत क्यों करें? और वो शॉर्टकट सा तरीका अपना लेते हैं। वो हर चीज़ में शॉर्टकट ढूंढते हैं, जैसे पढाई उतना ही करना, जितने सवाल परीक्षा में आने हैं।

शॉर्टकट वाले सिर्फ अपना समय बचाते हैं, उन्हें परिणाम की फ़िक्र हैं पर प्रक्रिया से दूर भागते हैं। ऐसा करके वो अपना विकास नहीं करते, बल्कि अपना विकास खत्म करते है। हर चीज़ को समझने का एक तरीका हैं, जिसे समझे बिना कोई आगे नहीं बढ़ सकता। अधुरा ज्ञान, अधुरा प्रशिक्षण, अधूरी मेहनत का फल भी अधुरा ही मिलता हैं।  

शॉर्टकट अप्राकृतिक हैं, ये श्रृष्टि और रचना के विपरीत हैं

कभी – कभी, एक बच्चा जब 9 महीने से पहले, मात्र 5-6 महीने में ही जन्म ले लेता हैं, तो उसके जीने की संभावना कम हो जाती हैं। क्योंकि उसका शरीर पूर्ण विकसित नहीं हुआ होता। प्रकृति ने सभी जीव, प्राणी, उदभिद आदि के विकास की समय निर्धारित की हैं, जिसे तोड़ना अनुचित हैं। प्रकृति के हिसाब से, ऋतुएँ, मौसम, दिन – रात में परिवर्तन होता हैं, ये प्राकृतिक है। इसे बदला नहीं जा सकता।

जल्दी सीखने का शॉर्टकट अपनाइए पर सीखने से बचने का नहीं   

आप जल्दी से सीखने और समझने का शॉर्टकट तरीका जैसे brain, memory power आदि को अपना सकते हैं, पर उसे कभी skip नहीं कर सकते। जल्दी सीखने का शॉर्टकट तरीका हो सकता हैं, पर सीखे बिना सफलता पाने का कोई शॉर्टकट तरीका नहीं हैं।

सफलता के लिए, शॉर्टकट का रास्ता छोड़िये, मेहनत और परिश्रम की राह चुनिए

इस तेज़ दुनिया में तेज़ होना बहुत ज़रूरी हैं, पर शॉर्टकट उसका कोई अच्छा विकल्प नहीं है। अपने हिस्से की मेहनत किये बिना, सफलता की उम्मीद करना, दिवास्वप्न से ज्यादा नहीं है। सीखने, समझने और प्रशिक्षण की प्रक्रिया से होकर जब कोई गुज़रता हैं, तो उसका सम्पूर्ण विकास होता हैं, जो शॉर्टकट में नहीं होता। इसलिए सफलता का शॉर्टकट रास्ता नहीं, ज्ञान, मेहनत और लगन की राह चुनिए।

 

 

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Shyam Shah

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