3

सफलता के लिए ज़रूरी है, अपने काम से काम रखना

सफल लोग अपने काम से काम रखते हैं

दुनिया में बहुत से लोग ऐसे होते हैं, जो दुसरो को हमेशा गिराने में लगे रहते हैं। वे स्वयं सफल तो नहीं हो सके, पर दुसरो को सफलता का ज्ञान बांटते फिरते हैं। ऐसा मत करो, ये मत करो, तुमसे नहीं होगा। अगर आप इनकी बातों में आ गए तो सफलता प्राप्त नहीं कर पाएंगे। अगर आपको सफल बनना हैं तो सिर्फ अपने काम से रखिये ।

ऐसे लोग, दूसरों को काम करने से रोकने के लिए, उन्हें हतोत्साहित करते हैं। समझदार इंसान वही हैं, जो इनकी बातों में नहीं आता, सिर्फ अपने काम से अपना मतलब रखता हैं। सफल बनना हैं तो सफल लोगों के साथ दोस्ती कीजिये, तभी सफल बनेंगे।

हमने गधे और बाप बेटे वाली कहानी सुनी होगी, जिसमें बाप एक गधे के ऊपर बैठा होता हैं और बेटा पैदल चल रहा होता हैं। रास्ते में कुछ लोग कहते हैं, देखो कैसा बाप हैं खुद तो सवारी कर रहा है और बेटे को पैदल ही चला रहा हैं। बाप और बेटा जब दोनों गधे पर बैठ जाते हैं, तो लोग कहते है, देखो बेचारे गधे पर दोनों कितना जुल्म कर रहे हैं, दोनों गधे से उतर कर पैदल ही चलने लगते हैं।

अब लोग कहते हैं देखो दोनों कितने गधे हैं, गधा हैं फिर भी पैदल चल रहे हैं। ये कहानी गधे और इंसान की नहीं, काम करने वालों और काम से रोकने वालों की हैं।

स्वयं फैसला कीजिये, क्या सही है और क्या गलत

अगर हमारा आत्मविश्वास कमज़ोर होगा तो हम इनकी बातों में आ जायेंगे और अपने काम से भटक जायेंगे। इन्हें चुप कराने का एक ही रास्ता हैं, इनको इग्नोर कर अपने काम में तत्पर लगे रहना। अपने काम से काम रखकर ही हम अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। क्या सही हैं और क्या गलत? इसका फैसला आपसे बेहतर कोई नहीं कर सकता।

आपको ज़िन्दगी में जो भी बनना हैं, सिर्फ उससे मतलब रखिये, लोगों की बातों में आने से आपका काम अधुरा रह जायेगा। जो अपनी ज़िन्दगी में खुद कुछ नहीं कर पाए, वो भी दूसरों को कुछ करने से रोकते हैं। ईश्वर  ने हमे दो कान दिए हैं, अगर कोई बात हमारे पक्ष में नहीं हैं, तो उसे दुसरे कान से निकाल दीजिये।

बंद कर लीजिये अपने कान, बेकार की बातों से

एक बार एक मेढक गहरे कुंवे में गिर जाता हैं, वो निकलने को बहुत कोशिश करता हैं। ऊपर से देख रहे कई मेढक, उसे कहते हैं रहने दे तुझसे नहीं होगा। पर भी वो कोशिश करते ही रहता हैं, और सफल हो जाता हैं। जब वो बहार आता हैं तो उन सबको बड़ा आश्चर्य होता हैं, आखिर उस पर उनकी बातों का असर क्यूँ नहीं हुआ? वो कैसे बाहर निकलने में सफल हो गया?

affiliate link to buy 

दरअसल वो मेढक बहरा होता हैं, उसे लगता हैं की दुसरे मेढक उसका हौसला बढ़ा रहे हैं, उससे कह रहे हैं तुम बहार निकल सकते हो। हमें भी दुसरो की बेकार, निरर्थक बातों को अनसुना कर देना चाहिए, और सिर्फ अपने काम से काम रखना चाहिए। तभी हमारा लक्ष्य पूरा होगा।

काम से ही मिलती है सही पहचान

जो आज आपको काम करने से रोकते हैं, वही कल आपकी सफलता देखकर सलाम करेंगे। याद रखिये, दुनिया आपको आपके नाम से नहीं आपके काम से जानती हैं। इसलिए अपना काम मेहनत, ईमानदारी और विश्वास से कीजिये, तभी आपका काम भी होगा और नाम भी होगा।

 

Did you enjoy this article?
Signup today and receive free updates straight in your inbox. We will never share or sell your email address.
I agree to have my personal information transfered to MailChimp ( more information )

Shyam Shah

3 Comments

  1. Kaam karna chahiye sirf aapna dusare kae kam dikho gae to aapna kaam kharab
    Hota Hai Sahi hai
    Aur ish liye aapne kam sae kam rakhna chahiye

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *