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स्वस्थ और खुशहाल जीवन का आधार हैं योग, 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

 

स्वस्थ और खुशहाल जीवन का आधार है योग

नरेन्द्र मोदी जी के शब्दों में – “योग इंसान की सोच, काम करने का तरीका, संयम बरतना, मनुष्य और प्रकृति के बीच सद्भाव सिखाता हैं। यह सिर्फ कसरत नहीं हैं, प्रकृति आदि के बारे में भावनाएं पैदा करता हैं। हमारी जीवन शैली को बदलकर, अच्छी तरह से काम करने में मदद कर सकता हैं। आइये हम एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अपनाने की दिशा में काम करें”

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना और लक्ष्य

दुनिया भर के देशों में 21 जून को, योग दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। बड़े गर्व की बात है, की इसकी शुरुवात, हमारे माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी जी ने की थी, दिसम्बर 2014 में। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य हैं, जन जन तक, घर घर तक, योग को पहुँचाना। योग का निरंतर प्रयोग, हमें बेहतर और कमयाब बनाता हैं ।

स्वस्थ जीवन शैली, निरोगी काया और आत्मबल में वृद्धि के लिए, योग से बढ़कर कुछ नहीं हैं। सुबह की शुरुवात अगर योग और ध्यान से हो तो, पूरा दिन अच्छे से गुज़रता हैं।

वर्तमान समय में योग की ज़रूरत हम सभी को है

आज की अस्वस्थ जीवन शैली, काम की भागदौड़, प्रतियोगिता, तनाव, प्रदुषण को देखते हुए,  योग को बड़े पैमाने पर अपनाने की ज़रूरत हैं। योग एक रामबाण हैं, जो किसी भी तरह के बीमारी, शारीरिक कष्ट, मानसिक तनाव को दूर करता हैं।

योग सिर्फ आसन और प्राणायाम तक सिमित नहीं हैं। योग के नियमित प्रयोग से, इंसान अपने तन, मन और आत्मा को एक सूत्र में बांधता हैं। तन, मन और आत्मा जब एक दिशा में, एक साथ काम करते हैं, तो कोई भी कार्य आसानी से और अच्छी तरह संपन्न होता हैं।

आइये, योग करने के फायदें समझते हैं

योग से किसी एक अंग का नहीं, पूरे शरीर की देखभाल होती हैं

योग के नियमित प्रयोग से, व्यक्ति स्वम्पूर्ण स्वस्थ जीवन का लाभ उठा सकता हैं। योग के विशेष आसन और तकनीक, पूरे शरीर को स्वस्थ रखते हैं। शरीर में लचीलापन, तेज़ दिमाग, रोग से बचाव, मजबूत शरीर और बेहतर स्वास्थ्य योग से संभव हैं।

योग आपको मोटापे से मुक्ति दिलाता है

मोटापा कम करना सिर्फ एक्सरसाइज से संभव नहीं हैं, लोग जिम जाते हैं, महँगी दवा लेते हैं, इससे फायदा कम, और दुष्प्रभाव ही ज्याद होता है। वही योग में इसका सम्पूर्ण समाधान हैं, योग में कई विशेष आसनों और खान पान में बदलाव करके, मोटापे को कम किया जा सकता हैं।

योग और ध्यान,  तनाव कम करके मानसिक शांति प्रदान करता है,

प्रतियोगिता के इस दौर में, मानसिक शांति नहीं मिलने से, व्यक्ति हमेशा तनाव में रहता हैं। इसका असर उसके स्वास्थय, काम और संबंधों पर भी पड़ता हैं। तनाव कम करने में, योग और ध्यान बेहद असरदार है। रोजाना किसी भी समय ध्यान या प्राणायाम करके, तनाव को शांति में बदल सकते हैं।

नियमित योग, आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता हैं

अनियमित रूटीन, गलत खान पान, शारीरिक व्यायाम की कमी, आदि से शरीर बिमारियों की गिरफ्त में जल्दी आ जाता हैं। रोज़ सुबह योग और आसान करके, शरीर को अन्दर से मजबूत कर सकते हैं। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता खुद बढ़ जाती है।

योग, कड़वे संबंधों को सुधारकर  मधुर बनाता है,

तन, मन और आत्मा के बिच योग लगाकर, मनुष्य किसी भी समस्या को आसानी से हल कर सकता है। जब समस्या का समाधान आसानी से हो, तो परिवार में किसी प्रकार का कलह, मतभेद आदि कम होता हैं। योग आपके संबंधों को मजबूत बनाता हैं।

योग करने से थकान कम होती हैं, पूरे दिन उर्जा बनी रहती है

अगर आप दिन भर थके थके से रहते हैं, आपको शक्ति में कमी महसूस होती हैं। उर्जा की कमी से, आप किसी काम को पूरा नहीं कर पाते, ऐसे में योग आपकी मदद कर सकता हैं। रोज़ 10 मिनट का योग, आपकी उर्जा को दिन भर बनाये रखता है।

योग से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, दर्द से आराम मिलता है

योग के विभिन्न आसन हमारी बॉडी को लचीला और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। योग से शरीर की बनावट सही बनी रहती है। कुछ आसन, पुराणी बीमारी के हिसाब से वर्जित होते हैं। अगर कोई गंभीर समस्या हो तो, डॉक्टर से सलाह ज़रूर ले।

योग को अपने जीवन में अपनाइए और आजीवन स्वस्थ रहिये

योग किसी कोर्स जैसा नहीं है, ये एक स्वस्थ जीवन शैली का आधार हैं। योग को अपने नियमित रूटीन में अपनाने की ज़रूरत है। एकमात्र योग को अपनाकर, हम सभी तरह के शरीरिक दुःख, कष्ट, मानसिक तनाव और बीमारी से बच सकते हैं।

स्वस्थ समाज का निर्माण करने में, योग की ज़रूरत सबसे अधिक है। योग को अपने जीवन का अंग बनाकर, हम अपना और देश के प्रधान मंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी जी का सपना साकार कर सकते हैं।

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Shyam Shah

2 Comments

  1. Yoga ke baare me kafi achhi jankari di h shyam g.
    Aj se hm v yoga krenge .

    Thanks

  2. योग का अर्थ ” मेल” होता है अर्थात परमात्मा से आत्मा का मिलन | आपने सत्य कहा कि योग सिर्फ़ शारीरिक व्यायाम नहीं है ये हमारी भावनाओ को प्रकृति से जोड़ता है | विस्तृत रूप में इसको आठ भागों में बाँटा जाता है| योग के ये आठ अंग हैं:

    १) यम, २) नियम, ३) आसन, ४) प्राणायाम, ५) प्रत्याहार, ६) धारणा ७) ध्यान ८) समाधि
    इन्हें अपना कर अपना जीवन सफ़ल बनाये |

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