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इस दिवाली आतिशबाज़ी कीजिये खुशियों की – दिवाली मनाने का सबसे अच्छा तरीका

ye diwali dilwali

ये दिवाली दिलवाली भारत में दिवाली से पहले ही इस बार प्रदुषण ने ऐसी दस्तक दी हैं की लोग सहम गए हैं।  देश की राजधानी दिवाली से पहले ही और भी ज़्यादा प्रदूषित हो चुकी हैं। पराली जलने से पडोसी… Continue Reading

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अमृतसर ट्रैन नरसंहार हादसा – कुछ भयानक ग़लतियों ने जश्न को मातम में बदला

गलतियां कहाँ कहाँ हुई ? अमृतसर – 19 अक्टूबर 2018 की काली रात जब लोग रावण दहन देखने आये थे।  किसे पता था कि थोड़ी देर में जश्न मातम में बदलने वाला है । लोग अपने घर परिवार के साथ… Continue Reading

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भारत में प्रचलित कुछ अन्धविश्वास और उनके पीछे छिपा सत्य

अन्धविश्वास के पीछे छिपी असली कहानी क्या आप भी जाने अनजाने कुछ पुराने समय के नियमों को आधुनिक युग में फॉलो करते हैं।  जिसका महत्व या प्रभाव उस समय था पर आज उनमें कोई सच्चाई नहीं हैं। कुछ पुराने अंधविश्वास… Continue Reading

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ऑस्कर के लिए नामांकित हुई रीमा दास की असमिया फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ – अब उम्मीदें टिकी सरकारी सहायता पर

असम की फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’ ने दुनिया भर में अपना लोहा मनवाया निर्देशिका रीमा दास की फिल्म ‘विलेज रॉकस्टार्स’, भारत के असम राज्य की एक असमिया फिल्म हैं, जिसे इस बार ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया हैं।  बेहद लघु… Continue Reading

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Happy Teachers Day – शिक्षक की अहमियत हमारे जीवन में

Happy Teachers Day

शिक्षक दिवस की शुरुवात कब और कैसे हुई ? भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन (५ सितंबर) भारत में शिक्षक दिवस के रूप में सन १९६२ से मनाया जाता है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा… Continue Reading

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सद्भावना दिवस हम क्यों और कैसे मनाते हैं – पूरी जानकारी (20 अगस्त 2018 )

क्या हैं सद्भावना दिवस ? आज 20 अगस्त 2018 (सोमवार ) का यह दिन, स्वर्गीय राजीव गाँधी जी के जन्म दिवस को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता हैं।  आज उनकी 74वी वर्ष गाँठ हैं। सद्भावना का अर्थ हैं… Continue Reading

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अटल बिहारी बाजपेयी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि – “मैं जी भर जिया, मैं मन से मरू”

एक महान और दूरदर्शी  नेता को खो चुके हैं हम आज भारत समेत पूरा विश्व श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के जाने के शोक में शोकाकुल हैं।  १६ अगस्त २०१८ को, उन्होंने दिल्ली के एम्स अस्पताल में अपनी अंतिम सांस… Continue Reading

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कितने आज़ाद हैं हम ? आज़ाद भारत की वर्तमान सोच

kitne aazad hain hum

आज़ादी और ग़ुलामी आज हमारे भारत को आज़ाद हुए ७२ वर्ष हो गए हैं, आज हम आज़ादी का जश्न मन रहे हैं।  हमें ये आज़ादी नहीं मिली होती तो, आज भी हम अंग्रेज़ो के ग़ुलाम होते। बड़ी मुश्किलों से, संघर्ष… Continue Reading